ईरानी विदेश मंत्रालय ने इज़राइल द्वारा लेबनान में ईरानी राजनयिकों की हत्या की कड़ी निंदा की है। IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इसे संगठित आतंकवाद का एक स्पष्ट उदाहरण बताया है। यह घटना मार्च 2026 में बेरूत के एक होटल में हुई थी। ईरान ने अब इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाते हुए इज़राइल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और इसे राजनयिक सुरक्षा नियमों का उल्लंघन बताया है।

इस हमले में किन लोगों को निशाना बनाया गया?

  • यह हमला 8 मार्च 2026 को मध्य बेरूत के Ramada Hotel पर हुआ था।
  • हमले में चार ईरानी राजनयिक Majid Hassani Kondsar, Alireza Bi-Azar, Hossein Ahmadlou और Ahmad Rasouli मारे गए।
  • ईरान का कहना है कि ये राजनयिक सुरक्षा कारणों से इस होटल में अस्थायी रूप से रुके थे।
  • लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमले में 4 लोगों की मौत हुई और 10 अन्य घायल हुए।
  • ईरान ने हमले से पहले अपने राजनयिकों के होटल में रुकने की जानकारी लेबनान के विदेश मंत्रालय को दी थी।

इज़राइल और ईरान के बीच इस मुद्दे पर क्या विवाद है?

इज़राइली सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने Quds Force के कमांडरों और Hezbollah के प्रतिनिधियों को निशाना बनाया था। इज़राइल का मानना है कि वहां खुफिया और सैन्य गतिविधियों से जुड़े लोग मौजूद थे। वहीं ईरान के संयुक्त राष्ट्र दूत Amir Saeed Iravani ने इसे युद्ध अपराध और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासभा को पत्र लिखकर इज़राइल पर राजनयिकों की सुरक्षा से जुड़े 1973 के कन्वेंशन को तोड़ने का आरोप लगाया है। ईरान इस पूरी घटना के लिए इज़राइल प्रशासन को पूरी तरह जिम्मेदार मानता है।

Sushma Kumari

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