ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 29 मार्च 2026 को ईरानी सेना ने इज़राइल की सीमा की ओर कई मिसाइलें लॉन्च की हैं, जिसके बाद इज़राइली एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। इज़राइली सेना ने पुष्टि की है कि वे इन हमलों को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इस घटनाक्रम का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट में महसूस किया जा रहा है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी डर का माहौल है।

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खाड़ी देशों में हमलों का असर और सुरक्षा की स्थिति

इस संघर्ष की आग अब इज़राइल और ईरान से बाहर निकलकर पड़ोसी खाड़ी देशों तक पहुंच गई है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में उनके हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन देखे गए हैं। इन हमलों में कुवैत के एक मिलिट्री कैंप में 10 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यूएई और बहरीन में स्थित एल्युमीनियम उत्पादन केंद्रों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि ये ठिकाने अमेरिकी सेना से जुड़े हुए हैं।

इन हमलों के कारण दुबई और अन्य खाड़ी देशों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए चिंता बढ़ गई है। भारतीय प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय दूतावासों के निर्देशों का पालन करें। खाड़ी के देशों में हवाई यातायात और सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा कर दिया गया है क्योंकि तनाव बढ़ने से तेल और बुनियादी ढांचे पर संकट आने की संभावना है।

अब तक के मुख्य घटनाक्रम और महत्वपूर्ण जानकारी

स्थान/संस्था महत्वपूर्ण अपडेट
इजराइल सेना (IDF) तेहरान में ईरानी मिसाइल उत्पादन फैक्ट्री पर हमला किया।
कुवैत (Kuwait) मिसाइल हमले में 10 सैन्य कर्मी घायल हुए।
ईरान (Iran) अमेरिकी जमीन सेना के आने पर ‘आग लगाने’ की चेतावनी दी।
रूस (Russia) परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को निशाना न बनाने की चेतावनी दी।
पाकिस्तान (Pakistan) मिस्र, तुर्किये और सऊदी के साथ तनाव कम करने पर चर्चा की।
हूती विद्रोही (Houthi) इज़राइल पर मिसाइल हमले जारी रखने का ऐलान किया।

अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप और भविष्य की चेतावनी

क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज हो गए हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने बताया है कि ईरान 20 अतिरिक्त पाकिस्तानी जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हो गया है। इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर इज़राइल के दौरे पर हैं ताकि संयुक्त सुरक्षा रणनीति पर चर्चा की जा सके।

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह जमीन पर हमला करता है, तो अमेरिकी सैनिकों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ईरान के इन हमलों की निंदा की है और आवासीय क्षेत्रों पर हमले तुरंत रोकने की मांग की है। खाड़ी देशों में रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों के लिए आने वाले कुछ दिन काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि ईरान ने 30 मार्च तक की नई डेडलाइन दी है।