ईरान और इसराइल के बीच तनाव अब खाड़ी देशों तक महसूस किया जा रहा है। 17 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की 57वीं खेप दागी गई। इस हमले का सीधा असर गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्राओं पर पड़ा है। मिसाइल के टुकड़े गिरने से अबू धाबी में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई, जबकि दुबई एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए उड़ानों को रोकना पड़ा।

गल्फ देशों और प्रवासियों पर क्या पड़ा असर

ईरान के इस हमले के बाद यूएई, सऊदी अरब और कतर में अलर्ट का माहौल है। आम नागरिकों और यात्रियों के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं जिससे प्रवासियों की दिनचर्या और यात्रा प्रभावित हुई है।

  • यूएई: दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कुछ समय के लिए अपनी सभी Flight रोक दी थीं और एयरस्पेस बंद कर दिया था। बाद में इसे फिर से खोल दिया गया। अबू धाबी में मिसाइल के मलबे से एक पाकिस्तानी प्रवासी की जान चली गई।
  • सऊदी अरब: सऊदी के रक्षा मंत्रालय ने अपने एयरस्पेस में घुसे करीब एक दर्जन ड्रोन्स को मार गिराया है। सऊदी सरकार ने साफ किया है कि उनकी जमीन का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं होगा।
  • रियाद में अमेरिकी एंबेसी: अमेरिका ने अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को तुरंत सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है और सभी रूटीन सर्विस रोक दी हैं। अमेरिकी नागरिकों को कमर्शियल फ्लाइट से देश छोड़ने की सलाह दी गई है।
  • कतर: कतर के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उन्होंने अपने एयरस्पेस में एक मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट किया है।

इसराइल और ईरान के बीच ताज़ा हालात

ईरान की सैन्य संस्था आईआरजीसी ने इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया है। ईरान का कहना है कि उसने संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 800 मिसाइलें और 3600 ड्रोन दागे हैं। आईआरजीसी के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने बुधवार 18 मार्च को और भी भारी हमले की चेतावनी दी है।

दूसरी तरफ इसराइल के डिफेंस फोर्स ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को तेल अवीव और दक्षिणी इलाकों के ऊपर हवा में ही खत्म करने का दावा किया है। इसके लिए एरो और डेविड स्लिंग एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इसराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने बताया है कि उन्होंने तेहरान में हमला कर ईरान के शीर्ष अधिकारी अली लारीजानी और बासीज फोर्स के प्रमुख गुलामरेज़ा सुलेमानी को मार गिराया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.