मिडिल ईस्ट में एक बार फिर भारी तनाव पैदा हो गया है। 7 जून 2026 को ईरान ने इसराइल पर कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद पूरे उत्तरी इसराइल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे। इस हमले के तुरंत बाद इसराइल के सैन्य प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि जैसे ही सरकार से आदेश मिलेगा, उनकी सेना ईरान पर पूरी ताकत और दृढ़ संकल्प के साथ हमला करेगी। इस सैन्य तनाव के कारण क्षेत्र में युद्ध की स्थिति काफी गंभीर हो गई है।
🗞️: ईरान के मिसाइल हमले के बाद अमेरिका ने इसराइल को रोका, ट्रम्प बोले- जवाबी हमला नहीं होना चाहिए।
ईरान के मिसाइल हमले और इसराइल की तैयारी की पूरी जानकारी
ईरान ने रविवार, 7 जून 2026 को इसराइल को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं। अप्रैल की शुरुआत में हुए संघर्ष विराम के बाद यह पहली बार है जब ईरान की तरफ से इस तरह की गोलाबारी की गई है। इस हमले के बाद इसराइल और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है।
- मिसाइलों को रोका गया: इसराइली सेना ने जानकारी दी है कि उन्होंने आने वाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ।
- सुरक्षा प्रतिबंध लागू: हमले के बाद इसराइल ने सोमवार, 8 जून की रात 8 बजे तक के लिए देश में कड़े नियम लागू कर दिए हैं, जिसके तहत स्कूल बंद रहेंगे और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है।
- ईरान का हवाई क्षेत्र बंद: ईरान के सरकारी मीडिया ने मिसाइल दागने की पुष्टि की है और संभावित जवाबी हमले से बचने के लिए अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय दबाव
इस पूरे घटनाक्रम पर अमेरिका ने नजर रखी हुई है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस मामले में संयम बरतने को कहा है।
- डोनाल्ड ट्रंप की सलाह: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने मिसाइलें दाग दी हैं और अब यह काफी है, अब दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लौटकर समझौता करना चाहिए। ट्रंप ने लेबनान पर इसराइल के हालिया हमलों पर नाराजगी भी जताई।
- संपत्तियों का ट्रांसफर: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट का इस्तेमाल करते हुए जब्त की गई ईरानी संपत्तियों को खाड़ी देशों के पुनर्निर्माण कार्यों के लिए भेजने का आदेश दिया है।
- अमेरिकी सेना अलर्ट पर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर बताया है कि पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार खड़ी है।
ईरानी अधिकारियों की तरफ से दी गई सीधी चेतावनी
ईरान ने इस हमले को लेबनान के बेरुत में इसराइल द्वारा की गई बमबारी का बदला बताया है। ईरानी अधिकारियों और संगठनों ने इसराइल को आगे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने कोई भी जवाबी कार्रवाई की, तो पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इसराइली ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। वहीं, ईरानी संसद की समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रज़ाई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि इसराइल को उसकी हरकतों के लिए बहुत दर्दनाक और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ईरान की खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने भी अपने नए ऑपरेशन के लिए पूरी तैयारी की घोषणा की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने इसराइल पर यह मिसाइल हमला क्यों किया?
ईरान के अनुसार, यह मिसाइल हमला बेरुत के दक्षिणी इलाकों में इसराइल द्वारा की गई हालिया बमबारी का बदला लेने के लिए किया गया है।
इसराइल ने हमले के बाद देश के भीतर क्या सुरक्षा कदम उठाए हैं?
इसराइल ने सोमवार, 8 जून 2026 की रात 8 बजे तक के लिए स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं और लोगों के इकट्ठा होने पर सीमाएं लागू की हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मामले में क्या कहा है?
ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को और अधिक सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह दी है और दोनों पक्षों से बातचीत की मेज पर आकर समझौता करने को कहा है।
