ईरान ने इस्राइल पर एक बार फिर से बड़ा हमला कर दिया है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस्राइल के 50 से ज्यादा ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं. इस हमले के कारण मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इसका असर सऊदी अरब और दुबई जैसे गल्फ देशों पर भी पड़ने लगा है. सऊदी अरब ने रियाद की तरफ आ रहे कुछ ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया है.

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इस्राइल के किन शहरों पर हुआ हमला

ईरान ने अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों से तेल अवीव, यरूशलेम और हाइफा जैसे बड़े शहरों को निशाना बनाया है. इस्राइल ने अपने 90 लाख से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित बंकरों में जाने का आदेश दिया है. इस अफरातफरी में 179 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ईरान के साथ मिलकर हिजबुल्लाह ने भी लेबनान से 200 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं. इसके जवाब में इस्राइल की सेना ने तेहरान और लेबनान के कई इलाकों पर जवाबी एयरस्ट्राइक की है.

गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और Flights पर असर

इस युद्ध का सीधा असर गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और प्रवासियों पर पड़ रहा है. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर और शायबा ऑयल फील्ड की तरफ आ रहे ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस ने मार गिराया है. सुरक्षा को देखते हुए KLM और कई अन्य एयरलाइंस ने दुबई और आसपास के देशों की Flights 28 मार्च तक कैंसल कर दी हैं. गल्फ जाने वाले यात्रियों को अब परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

हमले में इस्तेमाल हुए हथियार और मौजूदा हालात

इस पूरी मिलिट्री कार्रवाई में कई तरह के आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, ये हमले नहीं रुकेंगे.

  • ईरान की मिसाइलें: कादर, इमाद, खैबरशेकन और फतह जैसी हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ.
  • इस्राइल के टारगेट: पाल्माचिम एयरबेस, ओवदा एयरबेस और शिन बेट का मुख्यालय.
  • हिजबुल्लाह का हमला: 200 रॉकेट और 20 ड्रोन से इस्राइल पर हमला किया गया.
  • विस्थापित लोग: UNHCR के अनुसार युद्ध के कारण ईरान में 32 लाख से ज्यादा लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.