ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 10 मार्च 2026 को ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने इजरायल और क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइलें दागी हैं। इस हमले को ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ का नाम दिया गया है जिसमें Fattah और Emad जैसी घातक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। इस हमले का असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ा है और सऊदी अरब सहित कई देशों ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है।

सऊदी अरब और खाड़ी देशों पर हमले का क्या असर हुआ?

सऊदी अरब के रक्षा बलों ने अपने पूर्वी इलाके में घुस रहे एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन हमलों की कड़ी निंदा की गई। क्षेत्र के अन्य देशों में भी नुकसान की खबरें हैं जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

देश प्रभाव और कार्रवाई
Saudi Arabia पूर्वी क्षेत्र और अल-खर्ज में मिसाइल और ड्रोन मार गिराए
Bahrain मनामा में ड्रोन हमले से 1 व्यक्ति की मौत और 8 घायल
Kuwait सेना ने सीमा में घुस रहे 6 ड्रोन को मार गिराया
UAE मिसाइल इंटरसेप्ट की गई और मलबा फुजैरा में गिरा

विमान सेवाओं और प्रवासियों के लिए क्या है ताज़ा अपडेट?

इस बड़े हमले के बाद मिडिल ईस्ट के आसमान में विमानों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। अब तक 3,000 से ज्यादा Flight कैंसिल की जा चुकी हैं जिससे भारत आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। सऊदी अरब में रमजान के आखिरी दस दिनों को देखते हुए मक्का और मदीना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अरामको (Aramco) के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अगर हॉर्मुज की खाड़ी बंद हुई तो तेल के दाम बहुत बढ़ सकते हैं। ईरान में नए नेतृत्व के रूप में Mojtaba Khamenei के नाम का ऐलान किया गया है जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बदल सकती है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.