1 अप्रैल 2026 को ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव एक खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया जब ईरान ने इज़राइल के तेल अवीव शहर को निशाना बनाकर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद पूरे मध्य पूर्व में स्थिति काफी गंभीर हो गई है और इसका असर पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी पड़ना शुरू हो गया है। इज़राइली सेना (IDF) ने मिसाइलों को रोकने के लिए अपने डिफेंस सिस्टम को तुरंत एक्टिव कर दिया और आम लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह जारी की है।
इज़राइल और ईरान के बीच ताज़ा हमले में क्या हुआ?
ईरानी सेना ने बुधवार को एक के बाद एक कई मिसाइल हमले किए जिससे तेल अवीव और मध्य इज़राइल के इलाकों में काफी नुकसान पहुँचा है। इज़राइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने जानकारी दी है कि उन्होंने हमलों का जवाब देने के लिए तेहरान में ईरान के बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। शुरुआती खबरों के मुताबिक इस हमले में तेल अवीव में एक इमारत गिर गई और क्लस्टर बमों की वजह से 16 लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक 11 साल की बच्ची की हालत काफी नाज़ुक बताई जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए पूरी तरह खुला नहीं रखा तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि वे फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं कर रहे हैं।
गल्फ देशों और प्रवासियों के लिए क्या हैं बड़े खतरे?
इस युद्ध का असर केवल इज़राइल और ईरान तक सीमित नहीं रहा है बल्कि खाड़ी के अन्य देशों में भी हमले और तनाव की खबरें आ रही हैं। कतर के एक तेल टैंकर पर ईरानी क्रूज मिसाइल से हमला हुआ है जबकि कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईंधन टैंकों में आग लगने की घटना सामने आई है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने भी अपनी सीमा में घुस रहे कई ईरानी ड्रोन्स को मार गिराया है। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य विदेशी प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों और सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
| देश या संगठन | ताज़ा स्थिति और प्रभाव |
|---|---|
| Israel | तेल अवीव पर मिसाइल हमले और तेहरान में जवाबी कार्रवाई |
| Iran | बैलिस्टिक मिसाइलों और क्रूज मिसाइलों से हमला किया |
| Kuwait | एयरपोर्ट के पास तेल टैंकों में आग और ड्रोन हमला हुआ |
| Qatar | एक तेल टैंकर पर हमला और दो मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं |
| Saudi Arabia | अपनी सीमा में आने वाले ड्रोन्स को नष्ट किया |
| Houthis | दक्षिणी इज़राइल की ओर मिसाइलें दागने का दावा किया |
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए चर्चा कर रही है और नाटो (NATO) की सेनाएं भी संभावित खतरों को देखते हुए अपनी स्थिति बदल रही हैं। हालांकि फ्रांस जैसे कुछ देशों ने इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने से फिलहाल दूरी बना रखी है। क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावास और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
