इजराइल के तेल अवीव और मध्य इलाकों में बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को हवाई हमले के सायरन गूंजने से दहशत फैल गई। ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों के बाद इजराइली Home Front Command ने लोगों को तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर जाने का निर्देश दिया। हमले में ईरान के साथ-साथ यमन के हूतियों और लेबनान के Hezbollah ने भी हिस्सा लिया। तेल अवीव में कई जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं और मिसाइलों के टुकड़े गिरने से काफी नुकसान हुआ।

हमले के बाद की ताजा स्थिति और नुकसान की जानकारी

इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में अब तक कुल 106 लोग घायल हुए हैं। तेल अवीव के पास मलबे की चपेट में आने से 14 लोग घायल हुए, जिनमें एक 11 साल की बच्ची की हालत गंभीर है। शहर के 17 अलग-अलग ठिकानों पर इमारतों, गाड़ियों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। इजराइली सेना (IDF) और अमेरिकी सेना ने मिलकर कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों के पास भी गिरी हैं।

मिसाइल हमलों से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां

  • ईरान का हमला: ईरान के IRGC ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत इजराइली सैन्य ठिकानों पर 100 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन दागे।
  • यमन और लेबनान की भूमिका: हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी इजराइल को निशाना बनाया, वहीं Lebanon की तरफ से भी रॉकेट दागे गए।
  • सुरक्षा निर्देश: इजराइली प्रशासन ने 4 अप्रैल तक के लिए सुरक्षा नियम लागू कर दिए हैं, जिसमें स्कूल और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों पर पाबंदी शामिल है।
  • अमेरिकी दूतावास: तेल अवीव में अमेरिकी दूतावास की शाखा के पास भी मिसाइल का मलबा गिरा, हालांकि वहां किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

Magen David Adom और इजराइली पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। Home Front Command ने फिलहाल लोगों को बंकरों से बाहर आने की इजाजत दे दी है, लेकिन अगले आदेश तक सावधान रहने को कहा गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.