6 अप्रैल 2026 को ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव एक बड़े युद्ध में बदलता हुआ नजर आ रहा है। ईरान ने इसराइल के दक्षिणी और मध्य इलाकों को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले का असर सिर्फ इसराइल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कुवैत जैसे खाड़ी देशों को भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव करने पड़े। इस घटनाक्रम के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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इसराइल और ईरान में हुए हमले और नुकसान की जानकारी

ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें इसराइल के रिहायशी इलाकों में भी गिरी हैं। हाइफा शहर में एक इमारत पर मिसाइल गिरने से दो लोगों की मौत हो गई है और कई मलबे में दबे हुए हैं। दूसरी तरफ इसराइली सेना (IDF) ने तेहरान में कई ठिकानों पर हमला किया है जिसमें शरीफ यूनिवर्सिटी भी शामिल है।

  • हाइफा (इसराइल): रिहायशी इमारत पर हमले में 2 मौतें और कई लोग घायल हुए हैं।
  • तेहरान (ईरान): इसराइली हमले में कम से कम 25 लोगों की जान गई है।
  • इस्लामशहर (ईरान): हवाई हमले में 13 लोगों के मारे जाने की खबर है।
  • घायल: एक 10 महीने के बच्चे और 90 साल की महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।

खाड़ी देशों की स्थिति और प्रवासियों पर इसका असर

UAE के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन के खतरों का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रहा है। कुवैत ने भी अपने क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमले दर्ज किए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि उड़ानों और सुरक्षा नियमों में बदलाव होने की संभावना है। पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच 45 दिनों के युद्धविराम के लिए बातचीत करवाने की कोशिश कर रहे हैं।

देश/एजेंसी मौजूदा स्थिति और कार्रवाई
UAE डिफेंस मिनिस्ट्री मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट किया जा रहा है
हिजबुल्ला लेबनान की ओर से इसराइल पर रॉकेट दागे गए
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले की चेतावनी दी है
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र बातचीत में जुटे हैं