ईरान और इसराइल के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। बेरुत के दक्षिणी इलाके में इसराइल के हमले के बाद ईरान ने अब सीधी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ईरान के बड़े अधिकारियों ने साफ कह दिया है कि अब इंतज़ार खत्म हुआ और हमले का समय आ गया है।

📰: ईरान की बड़ी चेतावनी, इसराइल और अमेरिका को भुगतने होंगे नतीजे, लेबनान हमले के बाद मचा बवाल

14 जून 2026 को ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार Ali Akbar Velayati ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ‘जीरो आवर’ आ चुका है और मिसाइल लॉन्च पैड हमले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। यह बयान बेरुत में हुए इसराइली हमले के जवाब में आया है। Velayati ने यह भी चेतावनी दी कि अगर इसराइल ने लेबनान पर हमले जारी रखे, तो ईरान हॉर्मुज़ और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को बंद कर सकता है, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव Mohammad Baqer Zolfaghari ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि लेबनान ईरान की आत्मा है और वहां लाल रेखा पार करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जल्द ही जवाबी कार्रवाई करने का वादा किया है।

वहीं ईरान की संयुक्त सैन्य कमान (Khatam al-Anbiya) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सैन्य कमान ने बताया कि वे इसराइल पर मिसाइल हमले और सीधे सैन्य आक्रमण के लिए तैयार हैं और बस दुश्मन की एक छोटी सी गलती का इंतज़ार कर रहे हैं। संयुक्त सैन्य कमान के डिप्टी कमांडर Mohammad Jafar Asadi ने कहा कि बेरुत में हुए इसराइली अपराधों का जवाब ज़रूर दिया जाएगा।

इस तनाव के बीच इसराइल ने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है ताकि किसी भी संभावित मिसाइल हमले से निपटा जा सके। दूसरी तरफ लेबनान के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और महासचिव से शिकायत की है कि इसराइल ने वहां आक्रामक हरकतें की हैं और लेबनानी सेना के वाहनों को निशाना बनाया है।

इस पूरे मामले का असर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर भी पड़ सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump एक समझौते की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन ईरान ने संकेत दिए हैं कि बेरुत हमले के बाद वह अमेरिका के साथ बातचीत बंद कर सकता है। ईरान का मानना है कि अमेरिका शांति के प्रयासों में गंभीर नहीं है।