ईरान में तनाव के बीच बड़े हमलों की खबर सामने आई है जिसने वहां के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। 7 अप्रैल 2026 को हुए इन हमलों में ईरान के कराज शहर की बिजली काट दी गई और काशान में एक महत्वपूर्ण रेलवे पुल को निशाना बनाया गया। इन हमलों से न केवल यातायात बाधित हुआ है बल्कि आम नागरिकों की जान भी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है।

हमले के बाद ईरान में क्या हुआ?

  • कराज में बिजली संकट: कराज शहर में ट्रांसमिशन लाइनों पर मिसाइल गिरने के बाद बिजली की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है।
  • रेलवे ब्रिज पर हमला: काशान शहर में स्थित याह्या आबाद रेलवे ब्रिज को इसराइली हमले में उड़ा दिया गया, जो एक मुख्य रेल लिंक है।
  • ट्रेन सेवाएं रद्द: सुरक्षा कारणों से ईरान के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद के लिए जाने वाली और वहां से आने वाली सभी ट्रेनों को अनिश्चित काल के लिए रद्द कर दिया गया है।
  • इसराइली चेतावनी: हमले से पहले इसराइली सेना ने ईरानी नागरिकों को रात 9 बजे तक ट्रेन का सफर न करने की चेतावनी दी थी।

अधिकारियों के बयान और नुकसान का विवरण

ईरान के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इन हमलों का असर आम जनता की सुविधाओं पर पड़ा है। इसफाान प्रांत के डिप्टी गवर्नर अकबर सालेही ने बताया कि रेलवे ब्रिज पर हुए हमले में 2 लोगों की जान चली गई है और 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी ऊर्जा मंत्रालय ने भी कहा है कि बिजली बहाल करने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन नुकसान काफी ज्यादा है।

प्रभावित क्षेत्र नुकसान का प्रकार अधिकारी का अपडेट
कराज (Karaj) पावर ट्रांसमिशन लाइन ध्वस्त बिजली बहाल करने का काम जारी
काशान (Kashan) याह्या आबाद रेलवे पुल तबाह 2 मौत, 3 घायल हुए
खार्ग आइलैंड तेल एक्सपोर्ट टर्मिनल पर हमला नुकसान का आकलन जारी
मशहद रूट पूरी ट्रेन सेवा बंद सुरक्षा कारणों से फैसला लिया गया

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि वे इसका बदला ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर ले सकते हैं। वहीं कतर जैसे पड़ोसी देशों ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर होने की कगार पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र ने भी नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।