मध्य पूर्व में हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं और इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। 14 जुलाई 2026 को उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने दोबारा हमला किया, तो इसराइल उसका जवाब बहुत शक्तिशाली तरीके से देगा। उन्होंने यह बात Dimona में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सैन्य हलचल
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कांग्रेस को सैन्य अभियानों को फिर से शुरू करने की सूचना दी है। 13 जुलाई से अमेरिकी सेना लगातार तीन रातों तक ईरान के Bushehr और Bandar Abbas जैसे बंदरगाहों पर हमले कर रही है, जिसमें 3 लोगों की मौत की खबर है। इसके साथ ही, US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी जहाजों के लिए नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी है।
ईरान का जवाबी हमला और होर्मुज की घेराबंदी
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। ईरान ने Strait of Hormuz को बंद करने की घोषणा कर दी है और वहां के सेना प्रवक्ता ने कहा कि वे पीछे नहीं हटेंगे। Jordan ने अपनी ओर आ रही 4 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया है। तनाव इतना बढ़ गया है कि ओमान के तट पर Stolt Magnesium नामक एक नॉर्वे के टैंकर में विस्फोट हुआ है। इस स्थिति पर भारत और न्यूज़ीलैंड ने भी अपने राजदूतों के जरिए चिंता जताई है और चीन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
