Iran-Israel War: अमेरिका और इसराइल की योजनाएं फेल, ईरान ने बताया रणनीतिक गतिरोध, दुनिया की नजरें अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर

ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच छिड़ा युद्ध अब एक ऐसी स्थिति में पहुँच गया है जहाँ कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा है। ईरान सरकार के अधिकारी Allameh Azizi ने एक लेख में कहा है कि अमेरिका और इसराइल की शुरुआती उम्मीदें और युद्ध की जमीनी हकीकत में बहुत बड़ा अंतर है। युद्ध के 48 दिन पूरे हो चुके हैं लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

ceasefire बातचीत क्यों रही नाकाम?

पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire के लिए बातचीत हुई लेकिन यह पूरी तरह फेल रही। अमेरिका ने कुछ शर्तें रखी थीं जिन्हें ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। सबसे बड़ा विवाद Strait of Hormuz के कंट्रोल को लेकर है, जिसे ईरान ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया है। अब 22 अप्रैल को मौजूदा युद्धविराम खत्म हो जाएगा और दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

अमेरिका और इसराइल ने क्या कदम उठाए?

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ‘Economic Fury’ नाम से नए प्रतिबंध लगाए हैं जिससे ईरान के तेल नेटवर्क पर असर पड़ा है। अमेरिकी नौसेना ने समुद्र में नाकाबंदी कर दी है जिससे ईरान के 10 जहाज बंदरगाह से बाहर नहीं जा सके। वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि उनका लक्ष्य ईरान की परमाणु क्षमता को खत्म करना और Hezbollah को पूरी तरह मिटाना है। अमेरिकी सीनेट ने इसराइल को हथियार बेचने पर लगे बैन के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया है।

युद्ध के मुख्य आंकड़े और ताजा अपडेट

युद्ध के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर हमले किए हैं। ईरान ने युद्धविराम के दौरान भी अपनी आक्रामकता कम नहीं की और कई ड्रोन हमले किए। इस तनाव का असर अब व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है।

विवरण जानकारी
युद्ध का समय 48 दिन (16 अप्रैल 2026 तक)
ईरान द्वारा दागे गए ड्रोन 131 ड्रोन
ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलें 38 बैलिस्टिक मिसाइल
नाकाबंदी में फंसे जहाज 10 जहाज
ceasefire खत्म होने की तारीख 22 अप्रैल 2026
अमेरिकी हथियार बिक्री 295 मिलियन डॉलर के बुलडोजर और 152 मिलियन डॉलर के बम