अमेरिका और इस्राइल की सेना ने ईरान के कम से कम 6 प्रांतों में सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की है। युद्ध के 16वें दिन दोनों तरफ से हमले और तेज हो गए हैं। ईरान ने भी पलटवार करते हुए इस्राइल के कई शहरों में मिसाइल और ड्रोन दागे हैं जिससे भारी नुकसान हुआ है। इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान समझौता और युद्धविराम चाहता है।

🚨: Iran ने ठुकराया US से बातचीत का प्रस्ताव, कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर के पार पहुंचे

ईरान और इस्राइल में भारी तबाही का मंजर

पिछले 24 घंटों में इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान, इस्फ़हान और शिराज़ जैसे बड़े शहरों को अपना निशाना बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार इस्फ़हान की एक फैक्ट्री पर हुए हमले में 15 लोगों की जान चली गई। 28 फरवरी से अब तक ईरान में 1400 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की सेना IRGC अब सीधे तौर पर मोर्चा संभाल रही है।

इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बारिश कर दी है। Tel Aviv, Haifa और Galilee जैसे बड़े इलाकों में लगातार हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं। उत्तरी इस्राइल में करीब 300 घरों को नुकसान पहुंचा है और पिछले कुछ घंटों में 108 लोग घायल हुए हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प का दावा और ईरान का कड़ा जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि ईरान पूरी तरह हार चुका है और अब बातचीत करना चाहता है। लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने CBS नेटवर्क से बातचीत में इसे गलत बताया। उन्होंने साफ कहा कि ईरान ने कभी भी सीजफायर या बातचीत की मांग नहीं की है।

उन्होंने कहा कि यह युद्ध ट्रम्प की अपनी पसंद है और अमेरिका से बात करने का कोई कारण नहीं बनता है। वहीं इस्राइल के विदेश मंत्री Gideon Saar ने भी यह साफ कर दिया है कि उनका यह सैन्य अभियान अभी कम से कम तीन हफ्ते और चलेगा।

तेल की कीमतों और आम आदमी पर असर

इस तनाव का असर पूरी दुनिया और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। अमेरिका ने ईरान के Kharg Island पर हमले की चेतावनी दी है जो तेल सप्लाई का बड़ा केंद्र है। इस खबर के बाद Brent crude तेल की कीमत 1.8 प्रतिशत बढ़कर 104.98 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है।

ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कंपनियाँ मिडिल ईस्ट से अपने उद्योग हटा लें। साथ ही आम लोगों को ऐसी किसी भी फैक्ट्री से दूर रहने को कहा गया है जहाँ अमेरिकी कंपनियों का पैसा लगा है। हालांकि अभी Strait of Hormuz को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है लेकिन ईरान इस रास्ते पर कड़ी निगरानी रख रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.