ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच छिड़ी जंग अब और भी भयानक मोड़ पर पहुँच गई है। 4 अप्रैल 2026 को ईरान के Kohgiluyeh इलाके में हुए ताजा हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और दो लोग घायल हुए हैं। इस तनाव का असर अब खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है, क्योंकि दुबई और बहरीन जैसे शहरों में आसमान में मार गिराए गए ड्रोन और मिसाइलों का मलबा गिरना शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए व्यापारिक रास्ता खोलने या भारी तबाही के लिए तैयार रहने को कहा है।

ईरान में किन जगहों को बनाया गया निशाना और कितना हुआ नुकसान?

ईरान के अलग-अलग प्रांतों में पिछले 24 घंटों में भीषण हमले हुए हैं, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:

  • Kohgiluyeh: यहाँ हुए हमले के बाद गवर्नर ने स्थानीय लोगों से लापता दुश्मन पायलटों को ढूँढने में मदद मांगी है।
  • Bushehr Nuclear Plant: इस परमाणु संयंत्र पर चौथी बार हमला हुआ है, जिसमें एक गार्ड की मौत हुई और सपोर्ट बिल्डिंग को नुकसान पहुँचा है।
  • Mahshahr Zone: इसराइल ने पुष्टि की है कि उसने यहाँ के पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हमला किया है ताकि युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग रोकी जा सके।
  • Alborz Province: यहाँ के B1 पुल पर हुए हमले में 13 आम नागरिकों की मौत हुई और 95 लोग घायल हुए हैं।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इस युद्ध का क्या असर हो रहा है?

यह युद्ध अब ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर खाड़ी के अन्य सुरक्षित देशों तक पहुँचने लगा है, जिससे वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।

जगह क्या हुआ प्रभाव
Dubai Oracle मुख्यालय और कई अन्य इमारतों पर ड्रोन का मलबा गिरा।
Bahrain ईरानी ड्रोन के टुकड़े गिरने से 4 नागरिक घायल हुए।
Haifa Port मिसाइल के अवशेष इसराइली बंदरगाह के पास गिरे।
Damascus सीरिया की राजधानी और आसपास के इलाकों में बड़े धमाके सुने गए।

ईरान के विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर Bushehr परमाणु संयंत्र पर हमले जारी रहे, तो इससे निकलने वाला रेडिएशन पूरे खाड़ी क्षेत्र के देशों की राजधानियों तक पहुँच सकता है। रूस ने भी स्थिति बिगड़ती देख अपने 198 कर्मचारियों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है।