शनिवार 28 फरवरी 2026 को मध्य पूर्व में स्थिति काफी गंभीर हो गई है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है जिसका नाम ऑपरेशन रोरिंग लायन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी रखा गया है। इस हमले के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के तेहरान स्थित आवास को निशाना बनाकर भारी बमबारी की गई। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में उनके घर और दफ्तर की इमारतें पूरी तरह जमींदोज दिखाई दे रही हैं।

खामेनेई की स्थिति को लेकर क्या हैं रिपोर्ट?

इजरायल के सरकारी चैनलों और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि इस हमले में अली खामेनेई मारे गए हैं। इजरायल का कहना है कि उनके पास ऐसे पुख्ता संकेत हैं कि खामेनेई अब जीवित नहीं हैं। हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सरकार का कहना है कि खामेनेई बिल्कुल सुरक्षित हैं और उन्हें हमले से पहले ही एक बेहद सुरक्षित और गुप्त बंकर में भेज दिया गया था।

खाड़ी देशों और आम जनता पर हमले का असर

इस सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान और आसपास के देशों में हड़कंप मच गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि ईरान ने पलटवार करते हुए बहरीन, कतर और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। दुबई में ईरानी मिसाइल के मलबे से एक व्यक्ति की जान जाने की खबर है। नीचे दी गई टेबल में घटना के मुख्य आंकड़े दिए गए हैं।

विवरण मुख्य जानकारी
कुल मौतें (ईरान) 201 लोग मारे गए
घायलों की संख्या 747 लोग घायल हुए
आर्थिक असर सोने (21k) की कीमतों में भारी उछाल
सैन्य तैनाती इजरायल ने 70,000 रिजर्व सैनिक बुलाए
पारिवारिक हताहत खामेनेई के बेटे और बहू के मारे जाने की खबर
पलायन तेहरान से लोग सुरक्षित शहरों की ओर भाग रहे हैं

मध्य पूर्व में तनाव और भारतीयों के लिए स्थिति

खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी तनावपूर्ण है। तेहरान की प्रमुख सड़कों को खाली कराया जा रहा है ताकि लोग जल्दी शहर छोड़ सकें। ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है जिससे दुबई और अन्य खाड़ी देशों में उड़ानों और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। फिलहाल खामेनेई के जीवित होने या न होने की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।