ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब 29वें दिन में प्रवेश कर चुका है। पूर्व भारतीय राजनयिक K.P. Fabian ने ANI से बातचीत में कहा कि फिलहाल इस युद्ध के खत्म होने के कोई साफ संकेत नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका की तरफ से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं, जिससे स्थिति और भी उलझ गई है। एक तरफ अमेरिका अपने लक्ष्यों को पूरा होने की बात कहता है, वहीं दूसरी तरफ वहां पेट्रोल और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

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युद्ध के मौजूदा हालात और मुख्य घटनाक्रम क्या हैं?

इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने खाड़ी क्षेत्र में हलचल मचा दी है। इस संघर्ष से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • Israel Defense Forces (IDF) का लक्ष्य ईरान के सैन्य उद्योग के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों को नष्ट करना है।
  • U.S. Central Command (CENTCOM) ने मध्य पूर्व में लगभग 3,500 मरीन और नाविकों के एक टास्क फोर्स की तैनाती की है।
  • ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने चेतावनी दी है कि उनके बुनियादी ढांचे पर हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
  • रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई में एक डिपो पर मिसाइल हमला हुआ है, जिसे ईरान की IRGC ने अंजाम देने का दावा किया है।
  • लेबनान में Hezbollah ने भी इजरायली ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

आम आदमी और तेल की कीमतों पर इस युद्ध का क्या असर पड़ा?

Strait of Hormuz के प्रभावी रूप से बंद होने की वजह से वैश्विक तेल बाजार में बड़ी उथल-पुथल मची है। युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। अमेरिका में गैस की औसत कीमतें पिछले एक महीने में लगभग 30 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। इस संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार से प्रतिदिन 10 से 11 मिलियन बैरल तेल कम हो गया है, जिसका सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और उनके खर्चों पर पड़ रहा है।

युद्ध से जुड़ी अब तक की प्रमुख तारीखें और घटनाएं

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इजरायल ने सैन्य अभियान शुरू किया
22 मार्च 2026 पूर्व राजनयिक K.P. Fabian ने संघर्ष की शुरुआत पर बयान दिया
28 मार्च 2026 दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का अपुष्ट दावा
29 मार्च 2026 इराकी कुर्दिस्तान में ड्रोन हमला और हिजबुल्ला के हमले

ईरान के नए सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने मांग की है कि मध्य पूर्व में सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद किया जाए। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि अगर तेहरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 1,500 से अधिक नागरिक मारे गए हैं और लाखों लोग विस्थापित हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.