ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मध्य पूर्व में हालात बेहद खराब हो गए हैं। ईरान ने इज़राइल के कई बड़े शहरों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। अमेरिका और इज़राइल ने भी अपने सैन्य अभियानों की शुरुआत कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध छिड़ गया है। इस तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

🚨: UAE Al Salam Naval Base Attack: अबू धाबी के नेवल बेस पर ड्रोन हमला, 3 प्रवासियों की मौत और उड़ानों पर लगा ब्रेक

हवाई यात्रा और आम नागरिकों पर क्या असर पड़ा?

युद्ध की गंभीरता को देखते हुए ईरान, इज़राइल, जॉर्डन और यूएई ने अपना हवाई क्षेत्र आंशिक या पूरी तरह बंद कर दिया है। इससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है।

  • 1 मार्च को दुनिया भर में लगभग 1,800 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
  • Emirates, Air India और Lufthansa जैसी बड़ी एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं सस्पेंड कर दी हैं।
  • विमानन अधिकारियों ने यात्रियों के लिए पूरा रिफंड या मुफ्त रीबुकिंग का नियम लागू किया है।
  • दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे शहरों में भी धमाकों की खबरें मिली हैं।

आर्थिक स्थिति और बाज़ार पर युद्ध का प्रभाव

इस सैन्य टकराव की वजह से बाज़ार में भारी गिरावट आई है और ज़रूरी चीज़ों के दाम बढ़ने लगे हैं। विशेष रूप से खाड़ी देशों के शेयर बाज़ारों में कारोबार रोकना पड़ा है।

क्षेत्र ताज़ा अपडेट
कच्चा तेल (WTI) 11% की बढ़त के साथ $74 प्रति बैरल के पार
सोना कीमतें $5,400 प्रति औंस के करीब पहुंचीं
स्टॉक मार्केट कुवैत, दुबई और अबू धाबी में ट्रेडिंग सस्पेंड
ईरानी रियाल डॉलर के मुकाबले 1,749,500 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर

सैन्य अभियान और हताहतों की जानकारी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस संघर्ष में अपने 3 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 5 अन्य घायल हुए हैं। इज़राइल के तेल अवीव, हाइफ़ा और बेत शेमेश में ईरानी मिसाइलों के गिरने से कई लोग हताहत हुए हैं। अमेरिका ने इस युद्ध में अपने अभियान को ‘Operation Epic Fury’ नाम दिया है। ईरान में फिलहाल 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है और एक अंतरिम परिषद देश का शासन चला रही है।