ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष अब भीषण युद्ध का रूप ले चुका है। 18 मार्च 2026 को ईरान ने इज़राइल के कई शहरों को निशाना बनाकर भारी मिसाइल हमला किया। यह कार्रवाई ईरान के शीर्ष नेताओं की मौत और South Pars गैस प्लांट पर हुए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है। इस बीच Qatar ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों का विरोध किया है और इसे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम भरा बताया है।

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इज़राइल में मिसाइल हमलों से हुई तबाही का विवरण

ईरानी सेना (IRGC) ने Tel Aviv और आसपास के इलाकों में 100 से अधिक मिसाइलें दागने का दावा किया है। इन हमलों में Khorramshahr-4 और Kheibar Shekan जैसी मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है। हमले से जुड़ी मुख्य जानकारी नीचे दी गई है:

  • Ramat Gan जिले में मिसाइल गिरने से दो लोगों की जान चली गई।
  • Ben Gurion Airport पर खड़े तीन निजी विमान मलबे से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
  • इज़राइल के रक्षा मंत्री ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है।
  • Holon और अन्य इलाकों में मिसाइल गिरने से सड़क और बसों को नुकसान पहुंचा है।

खाड़ी देशों को ईरान की चेतावनी और तेल संकट का डर

ईरान ने South Pars गैस क्षेत्र में हुए हमलों के बाद कड़ा रुख अपनाया है। ईरान ने Saudi Arabia, UAE और Qatar को चेतावनी दी है कि वे अपने तेल और गैस ठिकानों को खाली कर दें। Qatar के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al-Ansari ने कहा कि गैस सुविधाओं पर हमला पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। ईरान में हुई बड़े अधिकारियों की मौत के बाद हालात और खराब हो गए हैं।

नाम पद तारीख
Esmail Khatib Intelligence Minister 18 मार्च 2026
Ali Larijani Security Official 17 मार्च 2026
Gholam Reza Soleimani Basij Force Head 17 मार्च 2026