मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर से बढ़ गया है। 28 मार्च 2026 को ईरान ने इज़राइल की तरफ मिसाइलों का नया जत्था रवाना किया है। इस हमले के बाद पूरे इज़राइल में हवाई हमले के सायरन बजने लगे और लोगों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। इस घटनाक्रम में यमन के हुती विद्रोहियों ने भी इज़राइल पर हमले किए और सऊदी अरब की एयर डिफेंस प्रणाली ने भी अपनी सीमा में मिसाइलों को रोका है। इस युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और तेल के निर्यात पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

ℹ️: ईरान के राष्ट्रपति की खाड़ी देशों को कड़ी चेतावनी, कहा- अपनी ज़मीन का इस्तेमाल अमेरिका-इज़राइल को न करने दें

ईरान के मिसाइल हमले और इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में क्या हुआ?

ईरान ने इज़राइल के मध्य और दक्षिणी इलाकों को निशाना बनाकर भारी संख्या में मिसाइलें छोड़ी हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल दुश्मनों को न करने दें। इसके जवाब में इज़राइली सेना ने भी ईरान की राजधानी तेहरान में कई सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इस संघर्ष के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • इज़राइल की कार्रवाई: इज़राइली सेना ने ईरान के परमाणु केंद्रों और यूरेनियम संवर्धन केंद्रों को निशाना बनाने का दावा किया है।
  • हताहत: तेल अवीव में एक व्यक्ति की मौत की खबर है और ईरान के रिहायशी इलाकों में भी जान-माल का नुकसान हुआ है।
  • हुती विद्रोहियों का हमला: यमन के हुती विद्रोहियों ने इज़राइल के सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने की जिम्मेदारी ली है।
  • अमेरिकी रुख: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि वे जल्द ही सैन्य अभियानों के खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं।

सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों पर इस जंग का क्या असर पड़ा?

इस युद्ध का असर केवल ईरान और इज़राइल तक सीमित नहीं है बल्कि पड़ोसी देशों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं और अपनी हवाई सीमा की रक्षा की है। प्रवासियों और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

देश/इलाका प्रमुख घटनाक्रम
Saudi Arabia रियाद और पूर्वी प्रांत के ऊपर ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया।
Yemen हुती विद्रोहियों ने पहली बार इज़राइल की ओर सीधे मिसाइल हमले किए।
Oman सलालाह बंदरगाह पर ड्रोन हमले के बाद मासेर्क कंपनी ने काम रोक दिया है।
Economic Impact स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर ईरान के नियंत्रण से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर संकट।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने अपने नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को सलाह दी है कि वे मिसाइल इंटरसेप्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर साझा न करें। खाड़ी देशों से भारत और अन्य देशों की तरफ जाने वाली उड़ानों के रास्तों में बदलाव किया जा रहा है जिससे यात्रियों को परेशानी हो सकती है। सऊदी सरकार ने इस स्थिति को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।