ईरान और इजरायल के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। गुरुवार, 19 मार्च 2026 को ईरान ने इजरायल के खिलाफ ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 64वीं लहर शुरू की। ईरान की सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह कार्रवाई 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में की जा रही है। इस ताजा मिसाइल हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और कई देशों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

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ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत क्या-क्या हमले हुए?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और ईरानी सेना ने इस ऑपरेशन के तहत इजरायल के कई सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का दावा है कि उसने आधुनिक तकनीक वाली मिसाइलों का उपयोग करके इजरायल के भीतर महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया है।

  • ईरान ने तेल अवीव, हाइफ़ा और बीरशेबा जैसे शहरों को निशाना बनाने के लिए खोर्रमशहर-4 और इमाद जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
  • ऑपरेशन की 63वीं लहर में क्षेत्र में मौजूद अमेरिका से जुड़ी तेल सुविधाओं पर हमला किया गया, जिसे ईरान ने अपने ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों का बदला बताया है।
  • ईरानी खुफिया मंत्रालय ने देश के भीतर जासूसी के आरोप में 97 लोगों को हिरासत में लेने और कई सशस्त्र सेल को खत्म करने की जानकारी दी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर और प्रमुख घटनाक्रम

इस संघर्ष का असर अब केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी देशों में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। बहरीन जैसे देशों में सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया
18 मार्च 2026 इजरायल ने ईरान के गैस फील्ड और एक हेलीकॉप्टर को नष्ट किया
19 मार्च 2026 ईरान ने 64वीं लहर के तहत इजरायल पर मिसाइलें दागीं
19 मार्च 2026 भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान से शांति पर बात की

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया है कि उसने ईरान के कमांड-एंड-कंट्रोल और मिसाइल रक्षा क्षमताओं को निशाना बनाने के लिए हजारों उड़ानें भरी हैं। वहीं, इजरायली रक्षा मंत्री ने आने वाले समय में ईरान को और बड़े झटके देने की बात कही है। इस बीच खाड़ी के अन्य देशों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।