अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर शुरू किए गए युद्ध जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का नाम दिया गया है, आज उसका 11वां दिन है. इस संघर्ष का सीधा असर अब खाड़ी देशों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर पड़ने लगा है. ईरान ने मंगलवार की सुबह सऊदी अरब और कुवैत की ओर ड्रोन और मिसाइल दागे हैं. इस भारी तनाव की वजह से कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चले गए हैं. खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि इससे ऊर्जा कंपनियों के काम पर असर पड़ रहा है.

सऊदी अरब और कुवैत पर ईरान का हमला

ईरान और इस्राइल के बीच चल रहा यह युद्ध अब मध्य पूर्व के अन्य देशों में फैल रहा है. ईरान ने अपने बचाव में अन्य देशों पर भी हमले तेज कर दिए हैं.

  • ईरान की तरफ से मंगलवार तड़के सऊदी अरब और कुवैत पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए गए.
  • सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए एक हमले में अमेरिकी सेना के सार्जेंट बेंजामिन एन पेनिंगटन की जान चली गई है.
  • अमेरिका और इस्राइल लगातार ईरान के तेहरान और इस्फहान शहर में मौजूद सैन्य ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर रहे हैं.
  • ईरान में 28 फरवरी को सुप्रीम लीडर अली खामनेई की मौत के बाद अब मोजतबा खामनेई ने नया पद संभाल लिया है.
  • लेबनान की तरफ से हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इस्राइल पर अपने हमले तेज कर दिए हैं ताकि ईरान से ध्यान हटाया जा सके.

कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल और कंपनियों पर असर

इस युद्ध का सबसे बड़ा असर खाड़ी देशों के तेल व्यापार पर पड़ रहा है. गल्फ के कई देशों ने अपने ऊर्जा उत्पादन में बदलाव किए हैं.

  • कच्चे तेल (Brent crude) की कीमतें 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं.
  • कतर एनर्जी (QatarEnergy) ने मौजूदा हालात को देखते हुए अपना LNG उत्पादन रोक दिया है.
  • बहरीन की तेल कंपनी Bapco और UAE ने ऊर्जा निर्यात के लिए आपातकालीन कानूनी नियम यानी फोर्स मैज्योर (force majeure) लागू कर दिया है.
  • इंडोनेशिया और खाड़ी के कई देशों ने इस युद्ध को रोकने और सीजफायर की मांग की है.

युद्ध पर जनता और नेताओं की राय

अल जजीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल के राजनीतिक विश्लेषक ओरी गोल्डबर्ग का कहना है कि इस्राइल अब ऐसा समाज बन गया है जहां कोई बीच का रास्ता नहीं बचा है और बातचीत की कोई गुंजाइश नहीं है. भारी हमलों के बावजूद आम जनता इस युद्ध का पूरा समर्थन कर रही है.

देश युद्ध का समर्थन करने वाले लोग
इस्राइल (यहूदी आबादी) 93 प्रतिशत
अमेरिका (जुड़े हुए अमेरिकी यहूदी) 68 प्रतिशत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि यह युद्ध तय समय से काफी आगे चल रहा है और जल्द खत्म हो सकता है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल के जहाजों को रोका तो उसे भारी अंजाम भुगतने होंगे. वहीं इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के मिसाइल हमले वाली जगह का दौरा किया और जवाबी कार्रवाई जारी रखने की बात कही.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com