ईरान की राजधानी तेहरान में आज तड़के एक के बाद एक तीन बड़े धमाके हुए हैं जिससे वहां अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। इसराइली सेना ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उन्होंने तेहरान में सरकारी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। आसमान में लड़ाकू विमानों को मंडराते हुए देखा गया है और धमाकों की आवाज करज जैसे पड़ोसी शहरों तक सुनी गई है। खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है क्योंकि इसका असर पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है।

हमले में क्या-क्या हुआ नुकसान और मुख्य घटनाएं

  • तेहरान के तीन प्रमुख हवाई अड्डों बहराम, मेहराबाद और अजमायेश पर बमबारी हुई जिससे कई हेलीकॉप्टर और विमान नष्ट हो गए।
  • ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के दो बड़े अधिकारी मेजर जनरल माजिद खादेमी और असगर बाकेरी इस हमले में मारे गए हैं।
  • ईरान की मानवाधिकार एजेंसी के मुताबिक इन हमलों में कम से कम 49 आम नागरिकों की जान गई है और 58 लोग घायल हुए हैं।
  • तेहरान में एक यहूदी इबादतगाह (Synagogue) भी इस बमबारी की चपेट में आकर पूरी तरह तबाह हो गई है।
  • इसराइली रक्षा मंत्री ने कहा है कि वे ईरानी अधिकारियों को एक-एक करके ढूंढ कर निशाना बनाना जारी रखेंगे।

अमेरिका की चेतावनी और खाड़ी देशों पर असर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बुधवार आधी रात तक का समय दिया है और मांगें न मानने पर ईरान के पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान उनकी शर्तें नहीं मानता है तो उसे भारी तबाही का सामना करना पड़ेगा। इस बीच सऊदी अरब ने भी अपनी सीमा की ओर आ रही मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को देखते हुए सऊदी और बहरीन को जोड़ने वाले किंग फहद कॉजवे को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका को आगाह किया है कि आम जनता से जुड़े बुनियादी ढांचे जैसे बिजली घरों और पुलों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है। ईरान ने फिलहाल अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और अपनी ओर से 10 शर्तों वाला एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें प्रतिबंध हटाने और युद्ध के नुकसान की भरपाई जैसी बातें शामिल हैं। इसराइली सेना ने ईरान के लोगों को ट्रेनों का इस्तेमाल न करने की सलाह दी है क्योंकि वहां भी हमले होने का खतरा बना हुआ है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.