ईरान और इजरायल के बीच चल रहा तनाव अब काफी गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। 26 मार्च 2026 को ईरान की ओर से किए गए मिसाइल हमलों ने तेल अवीव (Tel Aviv) सहित इजरायल के कई हिस्सों को निशाना बनाया है। इस हमले में तेल अवीव और कफर कासिम (Kfar Qasim) में कम से कम छह लोग घायल हुए हैं। युद्ध के 27वें दिन अब इसका असर खाड़ी के अन्य देशों जैसे कुवैत और यूएई पर भी साफ दिखाई देने लगा है, जिससे वहां रह रहे प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है।

हमलों में अब तक क्या हुआ नुकसान?

इजरायली सैन्य अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों ने सेंट्रल इजरायल और तेल अवीव क्षेत्र में संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। मलबे की चपेट में आने से 40 साल की एक महिला और 26 साल के एक पुरुष को चोटें आई हैं। इसके अलावा सफ़ेद (Safed) में सायरन बजने के दौरान गिरने से एक 12 साल की बच्ची की हालत खराब हो गई। ईरान की क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने इजरायल के साथ-साथ जॉर्डन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया है।

क्षेत्र में संघर्ष के ताजा हालात

देश/क्षेत्र प्रमुख घटनाक्रम
Tel Aviv मिसाइल हमले में 6 लोग घायल और घरों को नुकसान पहुंचा
UAE मिसाइल इंटरसेप्शन के मलबे से 2 लोगों की मौत और 3 घायल
Kuwait कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला हुआ, कई ड्रोन और मिसाइलें गिराई गईं
Iran इजरायल ने जवाबी कार्रवाई में Isfahan के पास एयरस्ट्राइक की
Iraq अमेरिकी ठिकानों पर 23 हमले हुए, अमेरिका ने नागरिकों को देश छोड़ने को कहा

क्या शांति की कोई उम्मीद है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी शर्तों पर अड़ा है और किसी दबाव में नहीं आएगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान समझौता करना चाहता है। इस बीच चीन और अन्य देश तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं। ईरान की संसद अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने का कानून बनाने पर भी विचार कर रही है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।