2 अप्रैल 2026 को ईरान और इस्राइल के बीच जंग जैसे हालात पैदा हो गए। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की ओर से ईरान को ‘पत्थर युग’ (Stone Ages) में भेजने की धमकी मिलने के बाद ईरान ने इस्राइल पर मिसाइलों की बौछार कर दी। इस हमले का असर केवल इस्राइल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में भी धमाके सुने गए। ट्रंप ने कहा है कि अगर अगले दो से तीन हफ्तों में समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान के पावर प्लांट और तेल क्षेत्रों पर बड़ा हमला करेंगे।

हमले और जान-माल के नुकसान की क्या जानकारी है?

इस्राइल की सेना (IDF) के मुताबिक, गुरुवार सुबह ईरान की ओर से मिसाइलों के कई दौर चले। मध्य इस्राइल में हवाई हमले के सायरन बजते रहे और कई जगहों पर मिसाइलें गिरने की खबरें आई हैं। तेल अवीव के पास दो छोटे बच्चों सहित चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। 1 अप्रैल को UAE में एक ड्रोन को रोकने के दौरान गिरते हुए मलबे की चपेट में आने से एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। ईरान के सैन्य प्रवक्ता Lt. Col. Ebrahim Zolfaghari ने साफ कहा है कि उनके हथियार सुरक्षित जगहों पर छिपे हैं और वे अमेरिका और इस्राइल पर और भी कड़े हमले करने को तैयार हैं।

खाड़ी देशों और इस्राइल में हुई प्रमुख घटनाएं

मिसाइल हमलों और ड्रोन के कारण खाड़ी देशों में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इसका विवरण नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है:

देश/क्षेत्र घटना का विवरण
UAE दुबई में मिसाइलें रोकी गई, मलबे से एक प्रवासी की मौत
Kuwait कुवैत एयरपोर्ट के तेल टैंकों पर ड्रोन हमला, भारी आग लगी
Bahrain ट्रंप के भाषण के तुरंत बाद हवाई हमले के सायरन बजे
Jordan एक बैलिस्टिक मिसाइल और दो ईरानी ड्रोन को नष्ट किया गया
Saudi Arabia सऊदी सीमा के पास दो ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया
Israel सेंट्रल इस्राइल में मिसाइलें गिरी, 4 लोग घायल हुए

अमेरिका और अन्य देशों का इस तनाव पर क्या कहना है?

राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान में चल रहा युद्ध अब खत्म होने के करीब है, लेकिन उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वे ईरान को पूरी तरह बर्बाद करने की क्षमता रखते हैं। ट्रंप ने उन देशों को भी खुद आगे आने को कहा है जो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल मंगाते हैं। दूसरी तरफ, फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इसे अव्यावहारिक बताया है। रूस ने भी शांति के लिए मदद की पेशकश की है। ब्रिटेन अब 35 देशों के साथ मिलकर इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रूप से खुलवाने के लिए बातचीत करने की योजना बना रहा है।