ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध ने भीषण रूप ले लिया है। 27 मार्च 2026 को आई रिपोर्टों के अनुसार, हमलों में अब तक लगभग 2,000 लोग मारे गए हैं। Iranian Red Crescent Society की टीमें लगातार रिहायशी इमारतों के मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रही हैं। हमलों की वजह से हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं और ईरान के कई शहरों में बुनियादी ढांचा पूरी तरह तबाह हो गया है। अमेरिका ने फिलहाल ऊर्जा प्लांटों पर हमले रोके हैं लेकिन तनाव बरकरार है।

ईरान में हमलों से अब तक कितना हुआ नुकसान?

ईरान में जारी बमबारी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 20 प्रांतों में करीब 82,000 से ज्यादा नागरिक इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसमें घर, स्कूल और अस्पताल शामिल हैं। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है, जहां 120 से ज्यादा संग्रहालयों और ऐतिहासिक स्थलों पर सीधा असर पड़ा है। अधिकारियों ने बताया कि हमलों में बचाव कार्य में लगी गाड़ियों और केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिसे युद्ध अपराध कहा जा रहा है।

नुकसान और आधिकारिक आंकड़ों की पूरी जानकारी

विवरण कुल संख्या / प्रभाव
कुल मौतें लगभग 2,000
क्षतिग्रस्त घर 64,583
प्रभावित स्कूल 600
मेडिकल सुविधाएं 281
ऐतिहासिक स्थल 120
बेघर हुए लोग 180,000
क्षतिग्रस्त नागरिक इमारतें 82,000+

खाड़ी देशों और शिपिंग पर क्या होगा असर?

इस युद्ध का असर केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। ईरान के IRGC ने Strait of Hormuz के रास्ते होने वाली शिपिंग पर रोक लगाने की घोषणा की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इजरायल और अमेरिका के सहयोगियों के जहाजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और तीन जहाजों को वापस भी भेज दिया गया है। कुवैत के एक प्रमुख कमर्शियल पोर्ट पर भी ड्रोन हमला हुआ है। स्थिति को देखते हुए अमेरिका अब मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.