ईरान और इस्राइल के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक, ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इस्राइल ईरान में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) की कोशिश करते हैं, तो ईरान इस्राइल के डिमोना (Dimona) स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र को निशाना बनाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच पिछले पांच दिनों से भारी गोलाबारी और मिसाइल हमले जारी हैं।

ईरान की धमकी और युद्ध की मौजूदा स्थिति

ईरानी सेना के अधिकारी ने साफ़ तौर पर कहा है कि डिमोना रिएक्टर उनका प्राथमिक लक्ष्य है। वर्तमान में इस्राइल Operation Lion’s Roar और अमेरिका Operation Epic Fury के तहत ईरान के भीतर हमले कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 1 मार्च 2026 को हुए हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से ईरान की ओर से बदला लेने की धमकियां बढ़ गई हैं। 4 और 5 मार्च की दरम्यानी रात को भी ईरान ने इस्राइल के मध्य क्षेत्रों में बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिसके बाद वहां हवाई हमलों के सायरन बजाए गए।

प्रवासियों और खाड़ी देशों पर क्या होगा असर?

  • सुरक्षा अलर्ट: इस्राइल के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों को बंकरों में रहने का निर्देश दिया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है।
  • प्रवासियों की निकासी: बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए विशेष विमानों का इंतजाम किया है, जो मिडिल ईस्ट से रवाना हो चुके हैं।
  • खाड़ी देशों पर प्रभाव: संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध का असर बहरीन, जॉर्डन और कुवैत जैसे पड़ोसी देशों पर भी पड़ रहा है, जहां ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है।
  • भारतीयों के लिए सलाह: खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वालों को स्थानीय दूतावास के संपर्क में रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.