ईरान और इजरायल के बीच सैन्य संघर्ष अब और तेज हो गया है। शनिवार, 29 मार्च 2026 को ईरान ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उसने इजरायल के कई रडार केंद्रों और हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ कर दिया है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह घटनाक्रम पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और वहां रहने वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

ईरान और इजरायल के बीच ताजा हमलों में क्या हुआ?

शनिवार को हुई कार्रवाई में ईरान ने इजरायल के रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए। जवाब में इजरायली सेना ने भी तेहरान में एक औद्योगिक परिसर पर हमला करने की पुष्टि की है, जिसका इस्तेमाल नौसैनिक हथियारों के रिसर्च के लिए किया जाता था। इस बीच यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर संघर्ष में शामिल होने का एलान किया है। लेबनान के हिजबुल्लाह ने भी पिछले 24 घंटों में 82 हमले करने का दावा किया है।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है?

इस संघर्ष की चपेट में अब अन्य खाड़ी देश भी आ रहे हैं। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को ड्रोन हमले में काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं सऊदी अरब और UAE ने भी अपनी ओर आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से यात्रा और सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है। IRGC ने चेतावनी दी है कि सोमवार तक अमेरिका को ईरानी विश्वविद्यालयों पर हमलों की निंदा करनी होगी, अन्यथा मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर असर पड़ सकता है।

विभिन्न स्थानों पर हुए नुकसान की जानकारी

स्थान प्रमुख घटना तारीख
कुवैत एयरपोर्ट रडार सिस्टम को ड्रोन से नुकसान 29 मार्च 2026
Prince Sultan Air Base 10-12 अमेरिकी कर्मी घायल 28 मार्च 2026
तेल अवीव मिसाइल हमले में एक व्यक्ति की मौत 29 मार्च 2026
इरबिल, इराक अमेरिकी दूतावास के पास धमाके 29 मार्च 2026
तेहरान हथियार रिसर्च सेंटर पर इजरायली हमला 29 मार्च 2026