ईरान से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ दो महिलाओं को कोर्ट ने कुल मिलाकर 53 साल जेल की सजा सुनाई है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इन महिलाओं पर इसराइल के साथ संबंध रखने और उनके लिए काम करने का गंभीर आरोप लगा है. अल जज़ीरा ब्रेकिंग न्यूज़ ने इस मामले की पुष्टि की है और बताया है कि ईरान सरकार ने सुरक्षा कारणों से यह सख्त कदम उठाया है.
क्या है पूरा मामला और क्यों मिली इतनी बड़ी सजा?
अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की एक अदालत ने इन दोनों महिलाओं को इसराइल से जुड़े होने के आरोप में दोषी पाया. इसके बाद दोनों को मिलाकर कुल 53 साल जेल में बिताने की सजा सुनाई गई है. हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक इन महिलाओं के नाम और उनकी पहचान को सार्वजनिक नहीं किया गया है. ईरान में इसराइल से संबंध रखने या जासूसी करने के मामलों को बेहद गंभीर अपराध माना जाता है और इसमें कड़ी सजा का प्रावधान है.
ईरान और इसराइल के बीच पहले भी रहे हैं ऐसे मामले
ईरान और इसराइल के बीच इस तरह के जासूसी और सुरक्षा से जुड़े विवाद नए नहीं हैं. इससे पहले भी ईरान में इसराइल के लिए जासूसी करने के आरोप में कई लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और कुछ मामलों में तो मौत की सजा भी दी गई है. वहीं दूसरी तरफ अप्रैल 2026 में इसराइल ने भी एक महिला पर ईरान के लिए जासूसी करने का आरोप लगाया था, जिसने कथित तौर पर पैसे के बदले सैन्य ठिकानों की तस्वीरें भेजी थीं. इस घटना को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान में दो महिलाओं को कुल कितने साल की सजा मिली है?
ईरान की अदालत ने दोनों महिलाओं को मिलाकर कुल 53 साल जेल की सजा सुनाई है.
इन महिलाओं पर क्या आरोप लगे हैं?
इन दोनों महिलाओं पर ईरान विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और इसराइल के साथ संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे हैं.
