ईरान और जापान के बीच कई सालों बाद फिर से तेल व्यापार शुरू होने की संभावना है। ईरान ने जापानी कंपनियों के साथ कच्चे तेल की बिक्री को लेकर बातचीत शुरू कर दी है। यह कदम अमेरिका द्वारा दी गई एक विशेष छूट के बाद उठाया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा संबंधों में बड़ी वापसी हो सकती है।

ℹ: Oman: रॉयल ओमान पुलिस ने दो सऊदी नागरिकों को एयर विंग के जरिए किया मेडिकल इवैक्यूएशन, इमरजेंसी में पहुंचाया अस्पताल

अमेरिका की मंजूरी और समय सीमा

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) ने 22 जून 2026 को एक सीमित छूट जारी की थी। यह छूट 21 अगस्त 2026 तक वैध है, जिसके तहत ईरान को अपना कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद बेचने की अनुमति मिली है। इसी के बाद जापान की तीन बड़ी कंपनियां फिर से ईरान से तेल खरीदने पर विचार कर रही हैं। साल 2019 के बाद यह पहली बार होगा जब जापान ईरान से तेल खरीदेगा।

सुरक्षा और शिपिंग की चिंता

जापानी खरीदार इस सौदे को लेकर थोड़े सतर्क हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की यह छूट बहुत कम समय के लिए है और उन्हें लंबे समय की छूट चाहिए। साथ ही, फारस की खाड़ी (Persian Gulf) और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी डर है। हाल ही में वहां एक जहाज पर हमला हुआ था और पानी में तैरते माइन्स (floating mines) का खतरा बना हुआ है।

अधिकारियों का क्या कहना है

नेशनल ईरानियन ऑयल कंपनी (NIOC) ने अपने पुराने ग्राहकों, जिनमें जापान भी शामिल है, से संपर्क किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर शांति समझौता होता है और प्रतिबंध हटते हैं, तो व्यापार फिर से शुरू हो सकता है।

दूसरी ओर, जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय (METI) के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि तेल खरीदना निजी कंपनियों का फैसला होगा और मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स और शिपिंग समय की वजह से यह सौदा होगा या नहीं, यह अभी साफ नहीं है।