ईरान के यहूदी समुदाय ने अपने ‘शहीद नेता’ और मीनाब की लड़कियों की याद में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की. ये यहूदी दुनिया में अपनी इसराइल विरोधी सोच के लिए जाने जाते हैं और अक्सर विवादों में रहते हैं. हाल ही में एक इसराइली हमले में इनका एक बड़ा और पुराना प्रार्थना स्थल यानी सिनेगॉग पूरी तरह तबाह हो गया.

किसकी याद में आयोजित हुआ यह कार्यक्रम और क्या था मामला?

यह स्मृति सभा 16 अप्रैल 2026 को तेहरान के Yusef Abad Synagogue में रखी गई थी. इसमें अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और मीनाब की 168 स्कूली लड़कियों को याद किया गया. खबर के मुताबिक, इन सभी की मौत 28 फरवरी 2026 को हुई थी. ईरानी मीडिया ने इसे अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले का नतीजा बताया था.

सिनेगॉग पर हमला और इसराइल का क्या कहना है?

7 अप्रैल 2026 को Rafi-Nia Synagogue नाम का एक बड़ा प्रार्थना स्थल पूरी तरह नष्ट हो गया. यह हमला यहूदियों के पवित्र त्योहार ‘पासओवर’ के दौरान हुआ जब पास की एक बिल्डिंग को निशाना बनाया गया था. ईरान के सांसदों ने कहा कि इस हमले में पवित्र टोरा स्क्रॉल भी मलबे में दब गए. वहीं, इसराइल की सेना (IDF) ने इसे गलती बताया और कहा कि उनका लक्ष्य एक मिलिट्री ठिकाना था.

ईरान के यहूदियों का इसराइल के प्रति क्या नजरिया है?

ईरान में रहने वाले यहूदी धर्म और राजनीति को अलग-अलग मानते हैं. उनका कहना है कि वह यहूदी धर्म को मानते हैं लेकिन ‘जियोनिज़्म’ या इसराइल की राजनीतिक विचारधारा के खिलाफ हैं. ये लोग खुद को पूरी तरह ईरानी मानते हैं और इसराइल की हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं. ईरान के संविधान में यहूदी धर्म को एक संरक्षित अल्पसंख्यक धर्म का दर्जा मिला हुआ है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.