जॉर्डन की सेना ने रविवार, 29 मार्च 2026 को जानकारी दी है कि पिछले 24 घंटों में ईरान ने उनके देश को निशाना बनाकर एक मिसाइल और दो ड्रोन दागे थे। Royal Jordanian Air Force ने इन सभी को सफलतापूर्वक हवा में ही रोक दिया। इसी बीच UAE की रक्षा प्रणालियों ने भी ईरान की ओर से आने वाली 16 बैलिस्टिक मिसाइलों और 42 ड्रोन को मार गिराया है। यह घटनाएं क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुई हैं, जिससे आम जनता और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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जॉर्डन और यूएई में हमले के बाद क्या नुकसान हुआ है?

जॉर्डन के सार्वजनिक सुरक्षा निदेशालय के अनुसार, आसमान से मिसाइल के मलबे गिरने की कुल 26 रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। राहत की बात यह है कि इन घटनाओं में किसी भी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है, हालांकि तीन गाड़ियों को मामूली नुकसान पहुंचा है। वहीं UAE में National Emergency and Crisis Management Authority (NCEMA) ने रविवार दोपहर को हाई अलर्ट जारी किया है।

  • अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि वे गिरे हुए मलबे के पास न जाएं।
  • मलबे या संदिग्ध चीजों की फोटो लेना या उन्हें छूना मना है।
  • यूएई में पिछले हमलों के दौरान कुछ सैनिकों और विदेशी प्रवासियों की जान भी गई है।
  • इन हमलों का असर सीधे तौर पर वहां रह रहे भारतीय और अन्य एशियाई कामगारों की सुरक्षा पर पड़ता है।

इस पूरे मामले में अब तक की मुख्य बातें क्या हैं?

क्षेत्र के कई देशों ने ईरान के इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। जॉर्डन के विदेश मंत्री Ayman Safadi ने साफ़ कहा है कि उन्होंने तेहरान को इन हमलों को रोकने की चेतावनी दी है क्योंकि यह देश के लिए बड़ा खतरा है। जॉर्डन अब तक 240 से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोन को रोक चुका है।

तारीख मुख्य घटना
29 मार्च 2026 जॉर्डन ने 1 मिसाइल और 2 ड्रोन हवा में नष्ट किए
29 मार्च 2026 UAE ने ईरान की 16 मिसाइलों और 42 ड्रोन को रोका
28 मार्च 2026 मिस्र ने इन हमलों को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया
25 मार्च 2026 UN मानवाधिकार परिषद ने हमलों की निंदा की और मुआवजे की मांग की

ईरान के IRGC ने यह चेतावनी भी दी है कि वे क्षेत्र के कुछ विश्वविद्यालयों को भी निशाना बना सकते हैं। यूएन में जॉर्डन के प्रतिनिधि ने बताया कि फरवरी के आखिर से अब तक इन हमलों की वजह से 24 आम नागरिकों की जान जा चुकी है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार अपडेट जारी कर रही हैं ताकि वे सुरक्षित रह सकें।