Iran Judiciary का बड़ा दावा, डोनाल्ड ट्रंप की बात को बताया झूठ, 8 महिलाओं को फांसी देने की खबरों का किया खंडन

ईरान की न्यायपालिका ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और एक इजरायली एक्टिविस्ट के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। Trump ने आरोप लगाया था कि ईरान में आठ महिलाओं को फांसी दी जा सकती है। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने इस खबर को गलत बताते हुए कहा कि यह केवल एक अफवाह है।

ईरान की सरकार ने Trump के दावों पर क्या कहा?

ईरान की न्यायपालिका ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट Mizan Online पर साफ किया कि Donald Trump को एक बार फिर ‘फेक न्यूज’ के जरिए गुमराह किया गया है। सरकार का कहना है कि जिन आठ महिलाओं की बात की जा रही है, उनमें से कुछ को पहले ही रिहा किया जा चुका है। बाकी महिलाओं पर ऐसे आरोप लगे हैं जिनके लिए अधिकतम सजा केवल जेल हो सकती है, फांसी की सजा नहीं दी जाएगी।

Donald Trump ने यह दावा कहां और कैसे किया?

Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए ईरान से इन महिलाओं को रिहा करने की मांग की थी। उन्होंने एक्टिविस्ट Eyal Yakoby की एक बात को शेयर किया था, जिसमें कुछ तस्वीरें थीं लेकिन महिलाओं के नाम नहीं दिए गए थे। Trump का मानना था कि इन महिलाओं की रिहाई से आने वाली बातचीत और आपसी संबंधों में सुधार हो सकता है।

मानवाधिकार संगठनों का इस मामले में क्या कहना है?

एक तरफ जहां सरकार इन दावों को नकार रही है, वहीं कुछ मानवाधिकार संगठन अलग जानकारी दे रहे हैं। HRANA और Abdorrahman Boroumand Center जैसे ग्रुप्स ने पहले बताया था कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों के कारण कई महिलाओं को मौत की सजा सुनाई गई है। इन संगठनों ने Bita Hemmati और Ensieh Nejati जैसी महिलाओं के नामों का जिक्र किया है, जिन्हें गंभीर आरोपों में सजा मिली थी।