ईरान की न्यायपालिका ने डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि आठ महिलाओं को फांसी दी जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप ने इन महिलाओं की रिहाई की मांग की थी ताकि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की शुरुआत हो सके। ईरान ने साफ कहा है कि ट्रंप को ‘फेक न्यूज’ के जरिए गुमराह किया गया है और दोषियों को सिर्फ जेल की सजा मिलेगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों की थी रिहाई की मांग?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट साझा किया था। यह जानकारी उन्होंने अमेरिकी एक्टिविस्ट Eyal Yakoby से ली थी, जिन्होंने दावा किया था कि ईरान आठ महिलाओं को फांसी देने की तैयारी कर रहा है। ट्रंप ने इस रिहाई को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच होने वाली संभावित बातचीत के लिए एक अच्छा संकेत बताया था।

ईरान की न्यायपालिका ने क्या जवाब दिया?

ईरान की न्यायपालिका ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन महिलाओं की बात हो रही है, उन्हें दोषी पाए जाने पर अधिकतम जेल की सजा दी जाएगी। इन महिलाओं में बीता हेम्मती और डायना ताहेरबादी जैसे नाम शामिल हैं, जिन्हें जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जोड़ा गया है। ईरान के कानूनी नियमों के अनुसार, किसी भी फांसी की सजा के लिए सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी अनिवार्य होती है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत की योजना थी, जिसमें जेडी वेंस और जारेड कुशनर जैसे अमेरिकी अधिकारी शामिल हो सकते थे। हालांकि, ईरान ने अभी तक बातचीत में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने की मांग की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.