ईरान में इंटरनेट सेवा बहाल करने को लेकर सरकार और न्यायपालिका के बीच खींचतान शुरू हो गई है। ईरान की न्यायपालिका ने राष्ट्रपति द्वारा गठित उस विशेष कमेटी को सस्पेंड कर दिया है, जिसने हाल ही में देश में इंटरनेट सेवाएं दोबारा शुरू करने का आदेश दिया था। बता दें कि अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे तनाव के कारण ईरान में पिछले लगभग 90 दिनों से इंटरनेट सेवाओं पर भारी पाबंदी लगी हुई है। इस अदालती फैसले के बाद अब इंटरनेट बहाली पर एक बार फिर संशय के बादल मंडराने लगे हैं।

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राष्ट्रपति के आदेश को कोर्ट ने क्यों रोका?

ईरान की न्यायपालिका की आधिकारिक वेबसाइट Mizan Online के अनुसार, यह निलंबन कुछ शिकायतों के दर्ज होने के बाद किया गया है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 12 मई 2026 को Special Headquarters for Organising and Governing the Country’s Cyberspace नाम की एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी के प्रमुख उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref थे। इस कमेटी ने 25 मई को देश में इंटरनेट सेवाओं को पुरानी स्थिति में वापस लाने का फैसला सुनाया था, लेकिन शिकायत मिलने के बाद अब एक प्रशासनिक अदालत इस कमेटी के गठन की कानूनी वैधता की जांच कर रही है। ईरान में इंटरनेट बहाल करने का अंतिम अधिकार सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पास है।

90 दिनों का ब्लैकआउट और आम जनता की परेशानी

इंटरनेट पर नजर रखने वाली संस्था NetBlocks के मुताबिक, ईरान में जनवरी 2026 से ही सरकार विरोधी प्रदर्शनों के कारण इंटरनेट पर प्रतिबंध लागू थे। इसके बाद 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध शुरू होने पर पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया गया। पिछले 88 दिनों से ईरान के नागरिक केवल घरेलू इंटरनेट और इंट्रानेट का ही इस्तेमाल कर पा रहे थे। हालांकि सरकार ने कुछ पेशेवरों के लिए मोटी फीस लेकर सीमित इंटरनेट देने का एक Pro Internet सिस्टम भी शुरू किया था, जिसे लोगों ने भेदभावपूर्ण बताया। सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने इंटरनेट बहाली के आदेश की पुष्टि की थी और सूचना प्रौद्योगिकी उप मंत्री Ehsan Chitsaz ने भी इंटरनेट को जनता का अधिकार बताया था, लेकिन कोर्ट के इस ताजा फैसले से आम जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में इंटरनेट सेवाएं कब से और क्यों बंद हैं?

ईरान में जनवरी 2026 से प्रदर्शनों के कारण पाबंदियां थीं, लेकिन 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद लगभग 90 दिनों के लिए पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट लागू कर दिया गया था।

कोर्ट ने किस कमेटी को सस्पेंड किया है?

कोर्ट ने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन द्वारा गठित ‘स्पेशल हेडक्वार्टर फॉर ऑर्गेनाइजिंग एंड गवर्निंग द कंट्रीज़ साइबरस्पेस’ को शिकायतों के आधार पर सस्पेंड कर दिया है, जिसके अध्यक्ष उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ थे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.