सोशल मीडिया पर ईरान के रणनीतिक परिषद के प्रमुख Kamal Kharrazi की मौत की खबर तेज़ी से फैली. एक सऊदी न्यूज़ अकाउंट के ट्वीट में दावा किया गया कि वो एक हमले में मारे गए. लेकिन अब ईरान के अधिकारियों ने इस खबर को गलत बताया है और कहा है कि वो अभी भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं.

क्या कमाल खराज़ी वाकई में मारे गए हैं?

ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य Ahmad Bakhshayesh Ardestani ने साफ किया कि कमाल खराज़ी जीवित हैं. उन्होंने बताया कि खराज़ी फिलहाल ईरान और अमेरिका के बीच चल रही युद्धविराम (ceasefire) बातचीत में एक वार्ताकार के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. यह जानकारी 9 अप्रैल 2026 को दी गई, जिसने मौत के दावों को गलत साबित कर दिया.

हमला और मौजूदा स्थिति क्या है?

जानकारी के मुताबिक 1 या 2 अप्रैल 2026 को तेहरान में उनके घर पर अमेरिका और इसराइल ने हमला किया था. इस हमले में उनकी पत्नी की मौत हो गई और कमाल खराज़ी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. शुरुआती रिपोर्ट्स में उनकी मौत की खबर आई थी, लेकिन बाद में यह साफ हुआ कि वो गंभीर रूप से चोटिल हुए थे.

इस हमले का मकसद क्या था?

ईरान के अधिकारियों और Mehr News Agency के मुताबिक, इस हमले का मकसद कूटनीतिक प्रयासों को रोकना था. ईरान सरकार का मानना है कि जब बातचीत चल रही थी, तब इस तरह का हमला करके शांति प्रक्रिया में बाधा डालने की कोशिश की गई. कमाल खराज़ी पहले विदेश मंत्री भी रह चुके हैं और उनका अनुभव बातचीत के लिए ज़रूरी माना जाता है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.