क्या आपने कभी सुना है कि डॉल्फिन या व्हेल युद्ध लड़ सकती हैं? हाल ही में ऐसी खबरें आईं कि ईरान बम से लैस डॉल्फिन तैयार कर रहा है ताकि अमेरिकी जहाजों पर हमला किया जा सके। इस खबर ने दुनिया भर में चर्चा छेड़ दी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने अब इस पर अपनी बात रखी है।

क्या ईरान सच में ‘कामिकाज़े डॉल्फिन’ का इस्तेमाल कर रहा है?

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि उन्हें यकीन है कि ईरान के पास ऐसी कोई तकनीक या क्षमता नहीं है। वहीं, जनरल Dan Caine ने इस बात का मज़ाक उड़ाते हुए इसकी तुलना फिल्मों में दिखने वाली ‘लेजर बीम वाली शार्क’ से की।

  • ईरान के जापान दूतावास ने भी इन खबरों को पूरी तरह झूठ और आधारहीन बताया है।
  • ईरान का कहना है कि ये खबरें केवल अमेरिका की घबराहट और उनके सूचना अभियान का हिस्सा हैं।
  • शुरुआत में ये रिपोर्ट The Wall Street Journal ने दी थी, जिसे बाद में Al Jazeera ने भी कवर किया।

रूस की ‘जासूसी व्हेल’ और समुद्री जानवरों के नियम

सिर्फ डॉल्फिन ही नहीं, रूस की एक व्हेल जिसे Hvaldimir कहा जाता था, उसके जासूसी होने की चर्चा भी रही थी। यह व्हेल 2019 में एक हार्नेस पहने हुए मिली थी। हालांकि, अगस्त 2024 में इसकी मौत हो गई और जांच में पता चला कि इसकी मौत किसी हमले से नहीं बल्कि बैक्टीरिया के संक्रमण से हुई थी।

जहाँ तक नियमों की बात है, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत युद्ध में इस्तेमाल होने वाले जानवरों को संपत्ति माना जाता है। अमेरिकी नौसेना का Marine Mammal Program (NMMP) डॉल्फिन और सी लायन को ट्रेनिंग देता है, लेकिन इनका काम हमला करना नहीं बल्कि समुद्र में बारूदी सुरंगों (mines) का पता लगाना और बंदरगाह की सुरक्षा करना होता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान वास्तव में हमलावर डॉल्फिन तैयार कर रहा है?

नहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth और ईरान के दूतावास दोनों ने इन दावों को गलत बताया है और इन्हें अफवाह करार दिया है।

अमेरिकी नौसेना जानवरों का इस्तेमाल किस काम के लिए करती है?

US Navy डॉल्फिन और सी लायन का इस्तेमाल केवल समुद्र में बारूदी सुरंगों का पता लगाने और बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए करती है, हमले के लिए नहीं।