ईरान में पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के 40 दिन पूरे होने पर आज देशभर में बड़ी शोक सभाएं आयोजित की गई हैं. 28 फरवरी 2026 को हुए अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद ईरान ने आज 9 अप्रैल को अपनी ताकत और एकता दिखाने के लिए हजारों लोगों को सड़कों पर इकट्ठा किया है. इस बीच ईरान के परमाणु प्रमुख ने यूरेनियम संवर्धन को लेकर काफी सख्त रुख अपना लिया है जिससे अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता में नई चुनौतियां आ सकती हैं.

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ईरान के ताजा हालात और सरकारी फैसले

ईरान सरकार ने खामेनेई की मौत के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया था, जिसके तहत आज देश भर में कार्यक्रम आयोजित हुए हैं. वर्तमान में ईरान की कमान राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और एक अंतरिम परिषद के हाथों में है, जो नए नेता के चुनाव तक देश की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सरकार ने अपने दुश्मनों को भारी कीमत चुकाने की चेतावनी भी दी है.

  • ईरान की सेना IRGC ने खामेनेई के हत्यारों को कड़ी सजा देने का संकल्प लिया है.
  • पाकिस्तान के इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत का दौर जारी है.
  • ईरान के परमाणु प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने संवर्धन कार्यक्रम पर किसी भी पाबंदी को मानने से साफ इनकार कर दिया है.
  • देश में सात दिनों के लिए सरकारी संस्थानों को बंद रखा गया था ताकि लोग शोक सभाओं में शामिल हो सकें.

अमेरिका के साथ बातचीत और लेबनान पर हमले की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल दो हफ्ते का संघर्ष विराम चल रहा है, जिसे ईरान अपनी कूटनीतिक जीत बता रहा है. हालांकि, इस समझौते के बीच इजरायल ने लेबनान पर हमले जारी रखे हैं, जिसे ईरान ने समझौते का उल्लंघन और नरसंहार करार दिया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान की तरफ से कोई जवाबी कार्रवाई होती है, तो उसे ऐसी ताकत का सामना करना पड़ेगा जो पहले कभी नहीं देखी गई.

प्रमुख घटना विवरण
खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिकी हमले में हुई
शांति वार्ता इस्लामाबाद, पाकिस्तान में जारी है
परमाणु स्टैंड संवर्धन पर कोई रोक नहीं लगाने का फैसला
इजरायल का रुख लेबनान पर हमले जारी, समझौते से बाहर रखा
ट्रंप की चेतावनी ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग और सैन्य कार्रवाई की धमकी

ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि दो हफ्ते के संघर्ष विराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही के लिए ईरानी सशस्त्र बलों के साथ समन्वय किया जाएगा. वहीं, लेबनान में हो रहे हमलों ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है क्योंकि इजरायल का मानना है कि ईरान के साथ हुआ समझौता हिजबुल्लाह पर लागू नहीं होता है.