ईरान के खार्ग आइलैंड (Kharg Island) के पास समुद्र में तेल रिसाव की खबरें सामने आई थीं, जिससे काफी चर्चा शुरू हो गई। सैटेलाइट तस्वीरों में समुद्र के पश्चिम हिस्से में तेल का एक बड़ा धब्बा दिखाई दिया था। हालांकि, ईरान की तेल टर्मिनल्स कंपनी ने इन सभी खबरों को गलत बताया है और कहा है कि वहां कोई लीकेज नहीं हुआ है।
ईरान की सरकार और तेल कंपनी ने क्या कहा?
ईरान की Oil Terminals Company (IOTC) ने 10 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर कहा कि खार्ग आइलैंड के पास कोई तेल रिसाव नहीं हुआ है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी ने बताया कि उन्होंने स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन और टैंकरों की जांच की और कुछ भी गलत नहीं मिला। साथ ही, क्षेत्रीय समुद्री प्रदूषण संस्था MEMAC ने भी अपनी रिपोर्ट में किसी लीकेज की पुष्टि नहीं की है। एक ईरानी अधिकारी ने इसे मनोवैज्ञानिक युद्ध बताया और दावा किया कि यह तेल किसी यूरोपीय टैंकर द्वारा छोड़े गए कचरे की वजह से था। बसोहर के सांसद जाफर पूरकाबगानी ने भी इसे विदेशी टैंकर का कचरा बताया।
सैटेलाइट तस्वीरों और एक्सपर्ट्स का क्या दावा है?
जहां एक तरफ ईरान इनकार कर रहा है, वहीं कुछ एक्सपर्ट्स और संस्थाओं की राय अलग है। Conflict and Environment Observatory के शोधकर्ता Leon Moreland ने बताया कि 8 मई तक यह तेल का धब्बा करीब 45 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ था। Orbital EOS नाम की सर्विस ने अनुमान लगाया कि यह रिसाव 52 वर्ग किलोमीटर से ज़्यादा इलाके में फैला था और इसमें लगभग 3,000 बैरल तेल बह गया होगा। Data Desk के Louis Goddard के मुताबिक, यह पिछले 70 दिनों में हुआ सबसे बड़ा तेल रिसाव हो सकता है। एनर्जी एक्सपर्ट दलगा खातिनोग्लू ने सुझाव दिया कि पुराने अंडरसी पाइपलाइन की वजह से ऐसा हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान की कंपनी ने तेल रिसाव की खबर को क्यों नकारा?
IOTC ने कहा कि उन्होंने अपनी सभी पाइपलाइनों और टैंकों की जांच की है और वहां कोई रिसाव नहीं मिला, साथ ही MEMAC ने भी इसकी पुष्टि नहीं की।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक तेल का धब्बा कितना बड़ा था?
Orbital EOS के अनुसार यह धब्बा 52 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला था और इसमें करीब 3,000 बैरल तेल होने का अनुमान है।
