ईरान के Kharg Island के पास समुद्र में तेल का एक बहुत बड़ा पैच देखा गया है। सैटेलाइट तस्वीरों में यह तेल कई किलोमीटर तक फैला हुआ नज़र आया, जिसे देखकर सऊदी अरब और UAE जैसे पड़ोसी देशों में चिंता बढ़ गई। हालांकि, ताज़ा अपडेट के मुताबिक अब यह तेल धीरे-धीरे कम हो रहा है और खतरा घट रहा है।

ईरान में तेल रिसाव का मामला क्या है और कितना तेल फैला

यूरोप के Copernicus सैटेलाइट्स ने 6 से 8 मई 2026 के बीच समुद्र में तेल की एक मोटी परत देखी। यह पैच ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र Kharg Island के पास पाया गया। Windward AI के CEO Ami Daniel ने अनुमान लगाया कि करीब 80,000 बैरल तेल समुद्र में फैल गया होगा।

  • तेल का पैच कई दर्जन स्क्वायर किलोमीटर में फैला था।
  • इसका पता 6 मई से 8 मई के बीच चला।
  • शुरुआत में इसे एक बड़ी आपदा माना जा रहा था।

ईरान सरकार और जानकारों की इस पर क्या राय है

ईरान के सांसद Jafar Pourkabgani ने इस बात से साफ़ इनकार किया कि ईरान ने जानबूझकर तेल बहाया है। उन्होंने 9 मई को कहा कि यह प्रदूषण यूरोपीय टैंकरों से निकले कचरे और गंदे पानी की वजह से हुआ है। वहीं, ऊर्जा आयोग के प्रमुख Moussa Ahmadi ने बताया कि अभी तक किसी भी सरकारी रिपोर्ट में लीकेज की पुष्टि नहीं हुई है और तेल का उत्पादन सामान्य रूप से चल रहा है।

दूसरी तरफ, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथम्प्टन के एक्सपर्ट Keyvan Hosseini का कहना है कि पाबंदियों और निवेश की कमी की वजह से ईरान का तेल ढांचा पुराना हो गया है, जिससे ऐसी समस्या आ सकती है। निमा शोकरी नाम के प्रोफेसर ने बताया कि अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी ने ईरान के तेल सिस्टम को खतरनाक स्थिति में डाल दिया है।

पड़ोसी देशों पर क्या असर होगा और अभी क्या स्थिति है

सऊदी अरब, कतर और UAE जैसे खाड़ी देशों को डर था कि यह तेल बहकर उनके तटों तक पहुंच जाएगा, जिससे समुद्री जीवन और पर्यावरण को नुकसान होगा। लेकिन 9 और 10 मई की रिपोर्ट्स के अनुसार, अब यह तेल का पैच काफी छोटा हो गया है। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक पर्यावरण विशेषज्ञों ने पुष्टि की है कि तेल अब काफी हद तक कम हो चुका है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के पास समुद्र में कितना तेल फैला

Windward AI के CEO Ami Daniel के अनुमान के मुताबिक, 7 मई के बाद से करीब 80,000 बैरल तेल समुद्र में फैला हो सकता है।

इस तेल रिसाव पर ईरान सरकार का क्या कहना है

ईरान के सांसद जाफर Pourkabgani ने कहा कि यह यूरोपीय टैंकरों का कचरा है और इसे ईरान के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक साजिश बताया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.