ईरान के खार्ग आइलैंड के पास समुद्र में तेल का एक बड़ा रिसाव होने की खबर सामने आई है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों में तेल की एक मोटी परत पूरे खाड़ी इलाके में फैलती दिखी। हालांकि ईरान की सरकार ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिखा और ईरान ने क्या कहा?

यूरोपीय कोपरनिकस सेंटिनल सैटेलाइट्स ने 6 मई से 8 मई 2026 के बीच कुछ तस्वीरें लीं। इन तस्वीरों में खार्ग आइलैंड के पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में तेल का एक बड़ा जमाव दिखा। Orbital EOS नाम की सर्विस ने बताया कि 7 मई तक यह तेल लगभग 52 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैल चुका था। वहीं, यूके के रिसर्चर लियोन मोरलैंड ने 8 मई तक इसे 45 वर्ग किलोमीटर बताया।

दूसरी तरफ, ईरान की ऑयल टर्मिनल्स कंपनी ने इस बात से साफ इनकार किया। कंपनी ने कहा कि स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन और जहाजों की जांच की गई और कोई लीक नहीं मिला। क्षेत्रीय समुद्री प्रदूषण संस्था MEMAC ने भी किसी रिसाव की पुष्टि नहीं की। ईरान के सांसद जाफर पूरकाबगानी ने इसे यूरोपीय टैंकरों द्वारा फेंका गया कचरा बताया और आरोपों को गलत कहा।

इस तेल रिसाव से कितना बड़ा खतरा हो सकता है?

ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर चुक ओकरेके ने अल जजीरा को बताया कि इस इलाके में तेल का रिसाव एक बड़ा पर्यावरणीय और राजनीतिक संकट पैदा कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे खाड़ी के समुद्री जीव, मछलियाँ और मैंग्रोव जंगलों को भारी नुकसान होगा। Windward AI के सीईओ अमी डैनियल ने अनुमान लगाया कि अब तक करीब 80,000 बैरल तेल समुद्र में गिर चुका है।

  • रिसाव का कारण: कुछ जानकारों ने पुराने पाइपलाइन फटने या टैंकरों में तेल के भारी दबाव को कारण बताया।
  • सऊदी अरब पर असर: 7 मई की दोपहर तक यह तेल दक्षिण दिशा में बहते हुए सऊदी अरब के समुद्री इलाके की तरफ बढ़ गया।
  • सफाई की चुनौती: युद्ध जैसे तनावपूर्ण माहौल के कारण इस तेल की सफाई करना मुश्किल माना जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के खार्ग आइलैंड के पास कितना तेल फैला है

सैटेलाइट डेटा के मुताबिक यह तेल 45 से 52 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला था और अनुमान है कि लगभग 80,000 बैरल तेल समुद्र में रिसाव हुआ है।

ईरानी सरकार ने तेल रिसाव की खबरों पर क्या प्रतिक्रिया दी

ईरान की ऑयल टर्मिनल्स कंपनी और MEMAC ने रिसाव की खबरों को खारिज कर दिया। सरकार का कहना है कि यह यूरोपीय टैंकरों द्वारा समुद्र में फेंका गया गंदा पानी और तेल का अवशेष है।