ईरान के खुंदाब परमाणु अनुसंधान रिएक्टर (Khondab heavy water research reactor) को 27 मार्च, 2026 को निशाना बनाया गया था. फार्स न्यूज एजेंसी (Fars News Agency) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा कि यह हमला अमेरिका और इजराइल के संयुक्त अभियान का हिस्सा था. ईरानी अधिकारियों ने इस हमले को “अमेरिकी और यहूदी आक्रामकता” बताते हुए कहा कि यह सुविधा “दो चरणों” में बमबारी का शिकार हुई. हालांकि, अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही रेडियोधर्मी रिसाव का कोई खतरा था.

हमलों का विवरण और शामिल पक्ष

शुक्रवार, 27 मार्च, 2026 को, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के खुंदाब हैवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर पर हमला किया. इसी के साथ, यज्द प्रांत के अरदकान (Ardakan) में स्थित एक येलोकेक उत्पादन सुविधा को भी निशाना बनाया गया. ये हमले 28 फरवरी, 2026 को शुरू हुए एक महीने से चल रहे संघर्ष का हिस्सा हैं. रिपोर्ट के अनुसार, खुजेस्तान (Khuzestan) और इस्फहान (Isfahan) में इस्पात संयंत्रों, और फार्स प्रांत में एक सीमेंट कारखाने जैसे अन्य औद्योगिक ठिकानों पर भी हमले हुए, जिनमें कुछ लोग हताहत हुए थे. Bushehr परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Bushehr Nuclear Power Plant) स्थल के भीतर भी एक प्रक्षेप्य गिरा था, जिसके बाद रूस की परमाणु ऊर्जा कंपनी Rosatom ने अपने कर्मचारियों को वहां से निकाल लिया था.

आधिकारिक बयान और सुरक्षा स्थिति

  • ईरान के बयान: फार्स न्यूज एजेंसी और अन्य ईरानी मीडिया ने हमले की पुष्टि की. ईरानी अधिकारियों ने कहा कि खुंदाब सुविधा पर “अमेरिकी और यहूदी आक्रामकता” ने “दो चरणों” में बमबारी की. उन्होंने यह भी कहा कि हमले से कोई हताहत नहीं हुआ और न ही रेडियोधर्मी रिसाव का कोई खतरा हुआ. ईरान की परमाणु ऊर्जा संगठन (Atomic Energy Organization of Iran) ने भी शहीद खुंदाब हैवी वॉटर कॉम्प्लेक्स (Shahid Khondab Heavy Water Complex) और अरदकान येलोकेक उत्पादन संयंत्र (Ardakan yellowcake production plant) पर हमलों की पुष्टि की, और बताया कि कोई रेडियोधर्मी सामग्री जारी नहीं हुई और न ही कोई हताहत हुआ. ईरान ने एक बड़े तनाव और “व्यापक और अधिक गंभीर प्रतिक्रिया” की चेतावनी दी है. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजराइल से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारियों को तुरंत अपनी कार्यस्थलों को खाली करने की सलाह दी.
  • इजराइल के बयान: इजराइल रक्षा बलों (Israel Defense Forces – IDF) ने खुंदाब हैवी वॉटर रिएक्टर पर हमले करने की पुष्टि की. उन्होंने इसे “परमाणु हथियारों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लूटोनियम उत्पादन स्थल” बताया. यज्द (अरदकान) में यूरेनियम प्रसंस्करण स्थल को IDF ने “यूरेनियम संवर्धन प्रक्रिया के लिए आवश्यक कच्चे माल के उत्पादन के लिए ईरान में एक अनूठी सुविधा” कहा.
  • IAEA की रिपोर्ट: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency – IAEA) ने हमले के बाद ईरान के खुंदाब और खुजेस्तान सुविधाओं पर किसी भी विकिरण जोखिम का पता नहीं चलने की पुष्टि की. IAEA ने यह भी बताया कि खुंदाब हैवी वॉटर उत्पादन संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं है. IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी (Rafael Grossi) ने एक परमाणु दुर्घटना को रोकने के लिए अधिकतम सैन्य संयम बरतने का आह्वान किया.
  • अमेरिका का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के लिए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी, यह दावा करते हुए कि शांति वार्ता अच्छी तरह से चल रही थी, हालांकि ईरान सार्वजनिक रूप से बातचीत से इनकार करता है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.