ईरान के Konarak इलाके में हाल ही में हुए विस्फोटों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। 23 और 24 जुलाई को लगातार सामने आई खबरों के अनुसार, इस क्षेत्र में कई धमाकों की आवाज सुनी गई। मानवाधिकार संगठन Hal Vash के मुताबिक, 23 जुलाई को सुबह करीब 10:40 बजे अमेरिकी विमानों ने Konarak में ईरानी नौसेना के ठिकानों को निशाना बनाया।
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लगातार चल रहे हैं सैन्य हमले
अमेरिकी सेना की CENTCOM ने पुष्टि की है कि वे पिछले कई दिनों से ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। 20 जुलाई से शुरू हुए इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कम करना है, जिसका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के लिए किया जाता था। 23 जुलाई तक अमेरिका द्वारा लगातार 12 दिनों तक सैन्य कार्रवाई की गई, जिसमें ड्रोन, मिसाइल और नौसैनिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया।
क्या है स्थिति
रिपोर्टों के अनुसार, 22 जुलाई को Shalamcheh में हुए हमले में ईरान के एक सैनिक की मौत भी हुई है। इसके अलावा 20 जुलाई को Chabahar और Bandar Abbas जैसे शहरों में भी धमाके हुए थे। हालांकि, ईरानी अधिकारियों की ओर से अभी तक इन विस्फोटों के कारणों या नुकसान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्र की शांति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
