ईरान के फार्स प्रांत स्थित लारेस्तान चारागाह पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर हमला किया है। अल जजीरा और फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक 1 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले में चार लोगों की मौत हुई है। पिछले कुछ हफ्तों से ईरान के अलग-अलग हिस्सों में हवाई हमले जारी हैं जिससे वहां रह रहे लोगों और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान हो रहा है। ईरान में चल रहे इस संघर्ष का असर अब पूरे क्षेत्र पर पड़ने लगा है।

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ईरान में हमलों से अब तक कितना नुकसान हुआ?

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 तक ईरान में जारी हमलों में मरने वालों की संख्या 1,937 तक पहुंच गई है। इन हमलों में न केवल सैन्य ठिकानों बल्कि आम रिहायशी इलाकों और कंपनियों को भी निशाना बनाया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों की प्रमुख घटनाओं की जानकारी नीचे दी गई है।

  • 31 मार्च को तेहरान की एक बड़ी दवा कंपनी पर हमला हुआ।
  • जंजन शहर में एक धार्मिक स्थल को निशाना बनाया गया।
  • 29 मार्च को होरमोज़गान प्रांत में हुए हमले में 5 लोग मारे गए थे।
  • 23 मार्च को शीराज में एक एम्बुलेंस स्टेशन और बच्चों के पार्क पर हमला हुआ जिसमें 20 लोग मारे गए।

सांस्कृतिक स्थलों और आम जनजीवन पर असर

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री ने बयान दिया है कि देश के 56 ऐतिहासिक स्थलों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने इसे देश की पहचान को खत्म करने की कोशिश बताया है। इस संघर्ष की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि वहां भी कुछ इलाकों में हताहतों की खबरें आई हैं।

क्षेत्र मरने वालों की संख्या
ईरान 1,937
खाड़ी देश 27
इजरायल 24
अमेरिकी सैनिक 13

यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद से ही ईरान की ओर से भी लगातार मिसाइल और ड्रोन से जवाबी कार्रवाई की जा रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.