Institute for the Study of War (ISW) ने अपनी नई रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इजराइल के मुकाबले खाड़ी (Gulf) देशों पर आठ गुना ज्यादा मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। जानकारों का कहना है कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को इसलिए निशाना बनाया ताकि अमेरिका पर दबाव बनाया जा सके। इस संघर्ष का सबसे ज्यादा असर कुवैत और आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने हाई अलर्ट जारी कर रखा है।

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कुवैत में हमलों का आंकड़ा और नुकसान

कुवैत की Ministry of Defense ने पुष्टि की है कि 28 फरवरी से अब तक देश की सुरक्षा प्रणाली ने सैकड़ों हमलों को नाकाम किया है। सेना ने बताया कि उन्होंने कुल 212 बैलिस्टिक मिसाइल और 394 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। हालांकि, इन हमलों में कुछ नुकसान भी हुआ है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • मौतें: कुल 8 लोगों की जान गई है, जिनमें 4 अमेरिकी सैनिक, 2 कुवैती सैनिक और 2 आम नागरिक शामिल हैं।
  • घायल: कुवैती सेना के 67 जवान घायल हुए हैं, जो फिलहाल अस्पताल में स्टेबल कंडीशन में हैं।
  • समुद्री संकट: लगभग 60 फ्रांसीसी जहाज गल्फ और रेड सी में फंसे हुए हैं।

हवाई यात्रा बंद और वापसी का नया रास्ता

सुरक्षा को देखते हुए कुवैत का एयरस्पेस (Airspace) पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। Kuwait Airways ने अपनी सभी उड़ानें रोक दी हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है। जो नागरिक बाहर फंसे हैं, उनके लिए वापसी का एक विशेष रूट तैयार किया गया है।

नागरिकों को अब फ्लाइट के जरिए पहले Saudi Arabia आना होगा, और वहां से उन्हें सड़क मार्ग (By Land) से कुवैत लाया जाएगा। इसके लिए 6 मार्च तक रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। इसके साथ ही, युद्ध के जोखिम के कारण गल्फ के लिए इंश्योरेंस कवर भी वापस ले लिया गया है और तेल की कीमतें (Oil Prices) बढ़कर 85 डॉलर के पार पहुंच गई हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.