ईरान की सेना IRGC ने शुक्रवार की सुबह ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत 83वें दौर के हमलों की शुरुआत की है। इन हमलों में अमेरिका और इजरायल के कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें आधुनिक मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन का बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में शांति की बातें भी चल रही हैं और दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई भी जारी है।

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किन ठिकानों को बनाया गया निशाना और क्या हुआ नुकसान?

ईरान ने इस बार कई खास जगहों को अपना निशाना बनाया है जिसकी जानकारी नीचे दी गई है। ईरान का दावा है कि उन्होंने लंबी दूरी और मध्यम दूरी की सटीक मिसाइलों का प्रयोग किया है। इस हमले के बीच इजरायली हवाई हमले में IRGC नेवी कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसिरी के मारे जाने की खबर भी आई है।

जगह का नाम निशाना बनाया गया हिस्सा
अश्दोद (Ashdod) तेल डिपो और स्टोरेज टैंक
अली अल-सलेम एयर बेस ड्रोन और विमानों के हैंगर
शेख ईसा बेस पैट्रियट मिसाइल सिस्टम का रिपेयर सेंटर
अल-धफरा और अल-उदेरी अमेरिकी सैन्य बेस
मोदीन सेटलमेंट सैन्य कर्मियों का ठिकाना

क्या युद्ध रोकने की हो रही है कोई कोशिश?

तनाव के बीच शांति को लेकर भी कुछ नए अपडेट सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को 10 दिनों के लिए रोक दिया है। यह रोक 6 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगी क्योंकि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का दौर चल रहा है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी बयान दिया है कि वे पश्चिम एशिया में पूरी तरह शांति चाहते हैं और युद्ध को खत्म करने के पक्ष में हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी भेजा है। हालांकि, इस बीच इजरायली सेना ने लेबनान में भी हमले जारी रखे हैं।