मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 7 जून 2026 को ईरान ने इसराइल की तरफ कई मिसाइलें दागीं, जिसके बाद उत्तरी इसराइल में मिसाइलें गिरने के वीडियो सामने आए हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई इसराइल द्वारा लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है। इस बड़ी सैन्य हलचल के बाद क्षेत्र में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है और इराक व सीरिया जैसे देशों ने एहतियात के तौर पर अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है।
ईरान ने इसराइल पर मिसाइलें क्यों दागीं?
ईरान के सरकारी मीडिया और सेना ने इस हमले की पुष्टि की है। ईरान का कहना है कि इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमला करके अमेरिका की मध्यस्थता में हुए संघर्षविराम का उल्लंघन किया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो उसे और भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इसराइली ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने इस मुद्दे पर ब्रिटेन, फ्रांस, तुर्की, कतर और मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तानी अधिकारियों से भी बातचीत की है।
इसराइल और अमेरिका की इस हमले पर क्या है प्रतिक्रिया?
इस हमले के बाद इसराइल और अमेरिका दोनों की तरफ से बयान जारी किए गए हैं। प्रमुख प्रतिक्रियाएं इस प्रकार हैं:
- इसराइल का दावा: इसराइली सेना ने मिसाइल हमलों की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि बेरूत पर उनका हमला हिजबुल्लाह के रॉकेट हमलों का जवाब था। वहीं इसराइल के सैन्य प्रमुख ने आदेश मिलते ही ईरान पर भी बड़ा हमला करने की बात कही है।
- अमेरिका का रुख: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मिसाइल हमले रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। ट्रंप ने यह भी कहा कि बेरूत पर इसराइल के हमले के बारे में अमेरिका को जानकारी नहीं थी और वे इस कदम से खुश नहीं हैं।
- हवाई क्षेत्र बंद: सुरक्षा कारणों से इराक, सीरिया और खुद ईरान ने अपने हवाई मार्ग बंद कर दिए हैं ताकि नागरिक उड़ानों को किसी तरह का नुकसान न हो।
लेबनान और हिजबुल्लाह का इस मामले पर क्या कहना है?
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बेरूत के रिहायशी इलाके पर हुए इसराइली हमले में दो लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। उधर, ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने अमेरिका की मध्यस्थता वाले इस संघर्षविराम समझौते को मानने से साफ इनकार कर दिया है। हिजबुल्लाह के नेता नईम कासिम ने कहा है कि वे केवल पूरी तरह से हमले रुकने और इसराइली सेना की वापसी के बाद ही किसी समझौते पर विचार करेंगे। इसके अलावा, पाकिस्तान भी इस तनाव को कम करने और वाशिंगटन व तेहरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने की कोशिशों में जुटा हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने इसराइल पर मिसाइल हमला कब किया?
ईरान ने यह मिसाइल हमला 7 जून 2026 को किया। यह हमला इसराइल द्वारा लेबनान के बेरूत पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में किया गया था।
इस हमले के बाद किन देशों ने अपना एयरस्पेस बंद किया है?
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इराक, सीरिया और ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र (airspace) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है ताकि उड़ानों को सुरक्षित रखा जा सके।
इस हमले पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या बयान आया है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मिसाइल हमले तुरंत रोकने की अपील की है। साथ ही उन्होंने बेरूत पर हुए इसराइली हमले पर असंतोष व्यक्त किया है।
