ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष 23 मार्च 2026 को और भी ज़्यादा तेज़ हो गया है। ईरानी सेना ने इज़राइल की तरफ मिसाइलों और ड्रोन की एक नई लहर छोड़ी है जिसे ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ ऑपरेशन का नाम दिया गया है। इस हमले में तेल अवीव और उसके आस-पास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया है कि पड़ोसी देशों को भी अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं।

ईरान के हमले में किन जगहों को निशाना बनाया गया?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि उन्होंने इज़राइल के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों में सटीक मार करने वाली मिसाइलें दागी हैं। हमले के मुख्य बिंदुओं की जानकारी नीचे दी गई है।

  • इज़राइल के तेल अवीव, रामत गन और होलोन जैसे शहरों में मिसाइलें गिरने की रिपोर्ट मिली है।
  • एक किंडरगार्टन यानी छोटे बच्चों के स्कूल पर भी हमला होने की खबर है।
  • ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों जैसे अली अल-सलेम और अल-धफरा पर भी ज़ुल्फ़िकार मिसाइलों से हमला किया है।
  • इज़राइली सेना के मुताबिक कुछ मिसाइलें लेबनान के इलाके में भी गिरी हैं।

खाड़ी देशों और सुरक्षा पर क्या असर पड़ा?

इस युद्ध का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट पर दिखने लगा है। खाड़ी देशों ने अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। पिछले 24 घंटों में हुई कुछ बड़ी घटनाएं इस प्रकार हैं।

देश कार्रवाई और प्रभाव
सऊदी अरब सऊदी डिफेंस ने एक मिसाइल और 14 ड्रोन मार गिराए।
UAE UAE ने 7 बैलिस्टिक मिसाइलें और 16 ड्रोन इंटरसेप्ट किए।
इज़राइल अब तक 18 नागरिकों की मौत और 4700 से अधिक लोग घायल हुए।
लेबनान लेबनान ने कहा कि वह इस युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहता।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और उन्होंने ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को फिलहाल पांच दिनों के लिए टाल दिया है। हालांकि ज़मीनी स्तर पर गोलाबारी और मिसाइल हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है क्योंकि हवाई यातायात और सुरक्षा नियमों में कभी भी बदलाव हो सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.