ईरान ने Hormuz Strait के रास्तों को संभालने के लिए Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की नई संस्था शुरू की है. सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इसका आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट अब चालू हो गया है. इस कदम से अब इस रणनीतिक जलमार्ग पर तेहरान का कंट्रोल और बढ़ गया है.

Hormuz Strait से गुजरने वाले जहाजों के लिए क्या हैं नए नियम?

अब किसी भी जहाज को Hormuz Strait में प्रवेश करने से पहले एक ट्रांजिट परमिट लेना होगा. जहाजों को PGSA की ईमेल आईडी info@pgsa.ir से निर्देश मिलेंगे, जिसमें नए नियमों की जानकारी होगी. सभी जहाजों को ‘Vessel Information Declaration’ फॉर्म भरना होगा, जिसमें जहाज का नाम, मालिक की राष्ट्रीयता, क्रू की जानकारी और कार्गो का ब्यौरा देना होगा.

  • इजराइल से जुड़े जहाजों के आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
  • अमेरिका या अन्य दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों के लिए कड़े प्रतिबंध होंगे.
  • केवल कमर्शियल जहाजों और ईरान के साथ सहयोग करने वालों को ही फायदा मिलेगा.

फीस, पेमेंट और तारीखों का पूरा ब्यौरा

ईरान ने इस सिस्टम के जरिए स्पेशल सर्विस फीस वसूलना शुरू कर दिया है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहाजों से प्रति ट्रांजिट 20 लाख डॉलर तक की फीस ली गई है, जिसका भुगतान चीनी युआन में किया गया है. अमेरिका के OFAC ने चेतावनी दी है कि इस फीस का भुगतान करने वालों पर प्रतिबंध लग सकते हैं.

विवरण तारीख/जानकारी
PGSA की स्थापना 5 मई 2026
आधिकारिक घोषणा 18 मई 2026
परमिट नियम लागू हुए 6 मई 2026
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
सीजफायर की तारीख 8 अप्रैल 2026
अधिकतम वसूली 20 लाख डॉलर
पेमेंट करेंसी चीनी युआन

ईरानी अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?

ईरान के चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि जलमार्ग के लिए एक नया समीकरण तैयार किया जा रहा है. वहीं, संसदीय समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने बताया कि ट्रैफिक मैनेज करने के लिए एक प्रोफेशनल सिस्टम बनाया गया है. IRGC नेवी ने भी चेतावनी दी है कि सभी जहाजों को तय किए गए समुद्री कॉरिडोर का ही पालन करना होगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

PGSA का मुख्य काम क्या है?

PGSA का काम Hormuz Strait से गुजरने वाले जहाजों के ट्रैफिक को मैनेज करना और ट्रांजिट परमिट जारी करना है.

किन देशों के जहाजों पर पाबंदी है?

इजराइल से जुड़े जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह बंद है और अमेरिका जैसे देशों के जहाजों पर भारी प्रतिबंध लगाए गए हैं.