ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) की शुरुआत की है। यह एजेंसी रणनीतिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में होने वाले ऑपरेशन्स और नई जानकारियों को रियल टाइम में अपडेट करेगी। इस कदम से समुद्री व्यापार और जहाजों के आने-जाने के तरीके में बड़ा बदलाव आएगा।
जहाजों को परमिट कैसे मिलेगा और क्या लगेगा चार्ज?
ईरान सरकार ने साफ किया है कि अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से पैसे लिए जाएंगे। इसके लिए ‘स्पेशलाइज्ड सर्विसेज’ के नाम से फीस वसूली जाएगी। जो जहाज इस रास्ते से गुजरना चाहते हैं, उन्हें info@PGSA.ir पर ईमेल के जरिए आवेदन करना होगा। आवेदन में जहाज का मालिकाना हक, बीमा, क्रू की जानकारी और कार्गो का ब्योरा देना जरूरी है। ईरान के मुताबिक, सिर्फ उन्हीं कमर्शियल जहाजों को इस सिस्टम का फायदा मिलेगा जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे।
ओमान और अन्य देशों की क्या है प्रतिक्रिया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एसमाइल बक़ाई ने बताया कि वे ओमान के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि जहाजों की आवाजाही के लिए एक नया सिस्टम बनाया जा सके। बक़ाई ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से यह फैसला सही है। दूसरी ओर, पश्चिमी देशों के राजनयिकों ने इसे गैरकानूनी बताया है क्योंकि ईरान मनमाने तरीके से टोल वसूल रहा है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने ईरान से अपील की है कि वह बिना किसी रोक-टोक के जहाजों को रास्ता दे और बातचीत करे।
इस फैसले के पीछे क्या है बड़ा कारण?
यह पूरा मामला अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान के चल रहे विवाद के बीच आया है। फरवरी 2026 में ईरान पर हुए हमलों के बाद से तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की है और उन संस्थाओं को चेतावनी दी है जो ट्रांजिट के लिए ईरान को पैसा देंगे। ऐसे माहौल में ईरान ने इस नई अथॉरिटी के जरिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PGSA का मुख्य काम क्या है?
Persian Gulf Strait Authority (PGSA) का मुख्य काम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऑपरेशन्स की निगरानी करना और जहाजों के ट्रैफिक को रेगुलेट करना है।
क्या गलत जानकारी देने पर कोई असर होगा?
हाँ, अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि यदि परमिट के लिए गलत या अधूरी जानकारी दी गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आवेदन करने वाले की होगी।
